>अब कैंसर जैसी जटिल बीमारियों के इलाज के लिए देश के कोने-कोने से मरीजों को मुंबई या दिल्ली जैसे महानगरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में स्थित महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय (एमजीयूजी) का महायोगी गोरखनाथ चिकित्सालय अब गंभीर और दुर्लभ किस्म के कैंसर के इलाज में नई उम्मीद बनकर उभरा है।
>हाल ही में तमिलनाडु के सुदूर जिले कन्याकुमारी से आए 76 वर्षीय बुजुर्ग मरीज की एक दुर्लभ कैंसर सर्जरी इस अस्पताल में सफलतापूर्वक की गई है। मरीज की लार ग्रंथि (Parotid Gland) में बेहद जटिल और रेयर किस्म के कैंसर का निदान हुआ था, जिसे विश्वविख्यात कैंसर सर्जन डॉ. संजय माहेश्वरी के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम ने सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर निकाला।
>डॉ. माहेश्वरी ने बताया कि यह सर्जरी सुप्राहायॉइड ब्लॉक विच्छेदन के साथ की गई, जो अत्यंत संवेदनशील प्रक्रिया थी। इस ऑपरेशन में डॉ. सीएम सिन्हा, डॉ. तिवारी, डॉ. नेहा सहित OT स्टाफ शुभ, दीपक, रवि और रघुराम की विशेष भूमिका रही।
>चिकित्सालय के तेजी से बढ़ते स्तर को देखकर एमजीयूजी के कुलपति डॉ. सुरिंदर सिंह और कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव ने हर्ष व्यक्त किया है। कुलपति ने कहा कि कन्याकुमारी जैसे सुदूर क्षेत्र से मरीज का आना और पूरी तरह ठीक होकर लौटना यह दर्शाता है कि चिकित्सालय की विश्वसनीयता अब राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित हो चुकी है।
>इससे पूर्व भी यहां गुवाहाटी से आए IIT छात्र का सफल कैंसर उपचार किया गया था। अब यह संस्थान न सिर्फ पूर्वी उत्तर प्रदेश, बल्कि देश के दक्षिणी राज्यों तक के मरीजों के लिए भी चिकित्सा का भरोसेमंद केंद्र बनता जा रहा है। डॉ. माहेश्वरी ने कहा कि यह सब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर उनके संकल्प का परिणाम है। सीएम योगी के नेतृत्व में गोरखपुर अब एक सशक्त मेडिकल हब के रूप में विकसित हो रहा है, जहां अत्याधुनिक सुविधाएं और विशेषज्ञ डॉक्टर देशभर के मरीजों को राहत दे रहे हैं।