नई दिल्ली। दिल्ली के लाल किला ब्लास्ट मामले में गुरुवार को अदालत में सुनवाई हुई। मामले से जुड़े 11 आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राऊज एवेन्यू कोर्ट की विशेष एनआईए अदालत के सामने पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने सभी 11 आरोपियों की न्यायिक हिरासत आगे बढ़ा दी। अब इस मामले में अगली सुनवाई 21 नवंबर को होगी।
मामला 10 नवंबर 2025 को दिल्ली में लाल किले के पास हुए विस्फोट से जुड़ा है। जांच के दौरान राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मामले में विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है। पिछली सुनवाई में अदालत ने एनआईए की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। अब अगली सुनवाई में आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया पर अदालत में सुनवाई होगी।
गुरुवार को मामले के सभी 11 आरोपी अदालत के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए। सुनवाई के बाद विशेष एनआईए अदालत ने उनकी न्यायिक हिरासत 21 नवंबर तक बढ़ाने का आदेश दिया। इसका मतलब है कि फिलहाल मामले में न्यायिक हिरासत में मौजूद 11 आरोपियों की स्थिति में अगली सुनवाई तक कोई बदलाव नहीं होगा। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 21 नवंबर की तारीख निर्धारित की है। अगली सुनवाई में आरोपियों के खिलाफ चार्ज फ्रेम करने से जुड़े मुद्दे पर कार्रवाई आगे बढ़ेगी। यह प्रक्रिया मामले की न्यायिक सुनवाई के अगले चरण से जुड़ी है।
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इस मामले में एनआईए ने जांच पूरी करने के बाद विस्तृत चार्जशीट अदालत में दाखिल की है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, एनआईए ने करीब 75 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने एनआईए की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। इसके बाद मामले में आरोपियों के खिलाफ आगे की न्यायिक प्रक्रिया की दिशा तय हुई। अब अदालत 21 नवंबर को यह देखेगी कि आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ाई जाए। मामले की सुनवाई राऊज एवेन्यू कोर्ट की विशेष एनआईए अदालत में हो रही है।
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एनआईए की ओर से दाखिल चार्जशीट में कुल 12 आरोपियों के नाम शामिल किए गए हैं। इनमें उमर उन नबी का नाम भी शामिल है। जांच एजेंसी के अनुसार, उमर उन नबी को मामले का मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है और उसके बारे में कहा गया है कि वह विस्फोट के दौरान आत्मघाती हमलावर था। उमर उन नबी की विस्फोट में मौत हो गई थी। इसके बावजूद उसका नाम चार्जशीट में शामिल किया गया है। मामले में अदालत के समक्ष मौजूद 11 आरोपी वे हैं जिनकी न्यायिक हिरासत गुरुवार को आगे बढ़ाई गई। चार्जशीट में उमर उन नबी के अलावा जिन नामों का उल्लेख किया गया है, उनमें जमीर अहमद अहंगर, तुफैल अहमद भट्ट, डॉ. शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान अहमद, जसीर बिलाल वानी उर्फ दानिश, डॉ. आदिल अहमद, यासिर अहमद डार, डॉ. मुजम्मिल शकील, आमिर राशिद अली, अहमद डार और शोएब शामिल हैं।
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यह मामला 10 नवंबर 2025 को दिल्ली में लाल किले के पास हुए विस्फोट से जुड़ा है। विस्फोट के बाद मामले की जांच सुरक्षा और जांच एजेंसियों की ओर से आगे बढ़ाई गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस घटना में 13 लोगों की मौत हुई थी और 24 से अधिक लोग घायल हुए थे। घटना के बाद जांच को आगे बढ़ाते हुए एनआईए ने मामले से जुड़े आरोपियों, घटनाक्रम और अन्य पहलुओं की जांच की। जांच के बाद एजेंसी ने अदालत में विस्तृत चार्जशीट दाखिल की। चार्जशीट में कुल 12 आरोपियों के नाम शामिल किए गए हैं।
एनआईए के मुताबिक, उमर उन नबी इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता था। जांच एजेंसी के अनुसार वह विस्फोट में आत्मघाती हमलावर था और घटना के दौरान उसकी मौत हो गई। चार्जशीट में उसका नाम शामिल किए जाने के साथ-साथ मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका से जुड़े आरोप भी दर्ज किए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष अभी नहीं आया है और मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी है। अदालत अब मामले में आरोप तय करने के चरण की ओर बढ़ रही है। 21 नवंबर की सुनवाई इसी प्रक्रिया के लिहाज से अगली महत्वपूर्ण तारीख होगी।
लाल किला ब्लास्ट मामले में जांच एजेंसी की चार्जशीट दाखिल होने के बाद अदालत ने उस पर संज्ञान लिया। इसके बाद आरोपियों को अदालत के समक्ष पेश किया गया और न्यायिक हिरासत की अवधि आगे बढ़ती रही। गुरुवार की सुनवाई में भी सभी 11 आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया। अदालत ने उनकी न्यायिक हिरासत 21 नवंबर तक बढ़ा दी। अब अगली सुनवाई में आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया पर विचार किया जाएगा। इसके बाद मामले की न्यायिक कार्यवाही आगे बढ़ेगी।