दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर दिल्ली स्थित इस्कॉन मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए और आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने जन्माष्टमी के महत्व पर अपनी बात रखते हुए श्रीकृष्ण के जीवन और भगवद्गीता के ज्ञान को पूरी मानवता के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर दिल्ली के नागरिकों और देशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण से सभी के सुख, शांति, समृद्धि और कल्याण की कामना की।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता इस्कॉन मंदिर पहुंचीं। उन्होंने मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने भगवान के समक्ष शीश नवाकर आशीर्वाद लिया। जन्माष्टमी के मौके पर इस्कॉन मंदिर सहित दिल्ली के विभिन्न मंदिरों में विशेष धार्मिक आयोजन किए गए। मंदिरों को फूलों और रोशनी से सजाया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की और जन्मोत्सव से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।
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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जन्माष्टमी के महत्व पर बात करते हुए कहा कि यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य अवतरण का उत्सव होने के साथ-साथ भक्ति, आनंद और आध्यात्मिकता से जुड़ा अवसर है। उन्होंने कहा, “भगवान श्रीकृष्ण का जीवन और गीता का ज्ञान पूरी मानवता के लिए प्रेरणा है।”
मुख्यमंत्री के अनुसार, श्रीकृष्ण के जीवन और उनकी शिक्षाओं से लोगों को सत्य, धर्म, कर्तव्य और करुणा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने गीता के संदेश को भी मानव जीवन के लिए महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री ने जन्माष्टमी के अवसर पर दिल्ली के सभी नागरिकों और देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कामना की कि भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद सभी पर बना रहे।
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उन्होंने यह भी प्रार्थना की कि जन्माष्टमी का पर्व लोगों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और कल्याण लेकर आए। मुख्यमंत्री की ओर से यह शुभकामना जन्माष्टमी के धार्मिक महत्व और पर्व से जुड़े आध्यात्मिक संदेश के संदर्भ में दी गई। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इसे गोकुलाष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। भारत के अलग-अलग हिस्सों में यह पर्व धार्मिक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है।
जन्माष्टमी के अवसर पर श्रद्धालु व्रत रखते हैं और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करते हैं। कई स्थानों पर भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का विशेष आयोजन मध्यरात्रि के समय किया जाता है। मंदिरों में इस अवसर पर विशेष सजावट की जाती है। भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा और झांकियों के आयोजन भी कई स्थानों पर किए जाते हैं। श्रद्धालु जन्माष्टमी के दिन भगवान कृष्ण के दर्शन और पूजा के लिए मंदिरों में पहुंचते हैं।
जन्माष्टमी के अवसर पर दिल्ली में भी विभिन्न मंदिरों में धार्मिक आयोजन किए गए। इस्कॉन मंदिर को भी इस अवसर के लिए विशेष रूप से सजाया गया। मंदिर परिसर में फूलों और रोशनी की सजावट की गई, जिससे धार्मिक आयोजन का माहौल तैयार हुआ। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के इस्कॉन मंदिर पहुंचने के दौरान उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन और पूजा-अर्चना की। उन्होंने पर्व की शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्रीकृष्ण से सभी के कल्याण की कामना की।
मुख्यमंत्री की टिप्पणी में श्रीकृष्ण के जीवन के साथ भगवद्गीता के ज्ञान का भी उल्लेख रहा। उन्होंने गीता की शिक्षाओं को मानवता के लिए प्रेरणादायक बताया। श्रीकृष्ण के जीवन और गीता से जुड़े संदेशों का उल्लेख करते हुए उन्होंने सत्य, धर्म, कर्तव्य और करुणा जैसे मूल्यों की बात कही। उनके अनुसार, श्रीकृष्ण की शिक्षाएं लोगों को इन मूल्यों के साथ जीवन जीने के लिए प्रेरित करती हैं।