लखनऊ, 22 अगस्त 2026। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ के एमबीबीएस 2024 और 2025 बैच के कुल 12 विद्यार्थियों का भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के शॉर्ट टर्म स्टूडेंटशिप कार्यक्रम, 2026 के तहत शोध परियोजनाओं के लिए चयन हुआ है। चयनित विद्यार्थियों को कार्यक्रम के अंतर्गत चिकित्सा अनुसंधान से जुड़ी परियोजनाओं पर काम करने का अवसर मिलेगा।
संस्थान की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, चयनित विद्यार्थियों में एमबीबीएस 2024 बैच के 8 और एमबीबीएस 2025 बैच के 4 विद्यार्थी शामिल हैं। ये विद्यार्थी संस्थान के सात अलग-अलग विभागों का प्रतिनिधित्व करते हैं। चयनित विभागों में ईएनटी, पैथोलॉजी, प्रसूति एवं स्त्री रोग, फार्माकोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, एनाटॉमी और बायोकेमिस्ट्री शामिल हैं।
आईसीएमआर का शॉर्ट टर्म स्टूडेंटशिप कार्यक्रम स्नातक चिकित्सा विद्यार्थियों को शोध पद्धति और वैज्ञानिक अनुसंधान से परिचित कराने के उद्देश्य से संचालित किया जाता है। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में इस कार्यक्रम को रिसर्च सेल के सहयोग और मार्गदर्शन के साथ संचालित किया जा रहा है।
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संस्थान के अनुसार, कार्यक्रम का उद्देश्य एमबीबीएस विद्यार्थियों को वरिष्ठ शोधकर्ताओं के साथ चल रही शोध परियोजनाओं पर कार्य करने का अवसर उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को वैज्ञानिक अनुसंधान की प्रक्रियाओं को समझने और शोध पद्धति से परिचित होने का अवसर मिलता है।
चयनित 12 विद्यार्थियों का विभिन्न विभागों से होना भी इस कार्यक्रम के दायरे को दर्शाता है। ईएनटी से लेकर बायोकेमिस्ट्री तक अलग-अलग चिकित्सा और आधारभूत चिकित्सा विज्ञान विभागों के विद्यार्थियों को शोध परियोजनाओं से जोड़ा गया है।
इस वर्ष चयनित विद्यार्थियों में दो एमबीबीएस बैचों के विद्यार्थी शामिल हैं। संस्थान के अनुसार, 2024 बैच के 8 विद्यार्थियों का चयन हुआ है, जबकि 2025 बैच के 4 विद्यार्थियों को भी आईसीएमआर शॉर्ट टर्म स्टूडेंटशिप 2026 के तहत शोध परियोजनाओं के लिए चुना गया है।
कुल 12 विद्यार्थियों का चयन संस्थान के स्नातक स्तर पर अनुसंधान से जुड़े प्रयासों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना गया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में प्रत्येक विद्यार्थी की अलग-अलग शोध परियोजना के विषय, परियोजनाओं की अवधि या शोध परिणामों का विवरण नहीं दिया गया है।
चयनित विद्यार्थियों का संबंध संस्थान के सात विभागों से है। इनमें ईएनटी, पैथोलॉजी, प्रसूति एवं स्त्री रोग, फार्माकोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, एनाटॉमी तथा बायोकेमिस्ट्री शामिल हैं।
इन विभागों की भागीदारी से कार्यक्रम में विभिन्न चिकित्सा विषयों से जुड़े विद्यार्थियों को शोध गतिविधियों में शामिल किए जाने की जानकारी सामने आती है। यह चयन केवल एक विभाग तक सीमित नहीं है, बल्कि संस्थान के विभिन्न चिकित्सा विषयों का प्रतिनिधित्व करता है।
संस्थान की ओर से उपलब्ध कराई गई सूचना में यह भी बताया गया है कि चयनित विद्यार्थी वरिष्ठ शोधकर्ताओं के साथ चल रही शोध परियोजनाओं में कार्य करेंगे। इससे उन्हें शोध कार्य की पद्धति और वैज्ञानिक अध्ययन की प्रक्रिया को व्यावहारिक स्तर पर समझने का अवसर मिलेगा।
डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान का रिसर्च सेल इस कार्यक्रम के संचालन में सहयोग और मार्गदर्शन कर रहा है। संस्थान के अनुसार, रिसर्च सेल के माध्यम से स्नातक स्तर पर अनुसंधान को प्रोत्साहित करने और विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
संस्थान का कहना है कि शोध गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को साक्ष्य-आधारित चिकित्सा शिक्षा की दिशा में अनुभव देने का प्रयास किया जा रहा है। शॉर्ट टर्म स्टूडेंटशिप कार्यक्रम इसी प्रयास का हिस्सा है, जिसमें स्नातक चिकित्सा विद्यार्थियों को शोधकर्ताओं के साथ काम करने का अवसर दिया जाता है।
संस्थान ने इस उपलब्धि के संदर्भ में अपने निदेशक प्रो. (डॉ.) सी. एम. सिंह के नेतृत्व का उल्लेख किया है। संस्थान के अनुसार, उनके नेतृत्व में चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में संस्थान निरंतर नई उपलब्धियों की दिशा में कार्य कर रहा है। जारी जानकारी में चयनित विद्यार्थियों और उनके संकाय मार्गदर्शकों को बधाई दी गई है तथा उनके शोध कार्यों की सफलता के लिए शुभकामनाएं दी गई हैं।
उपलब्ध आधिकारिक जानकारी में चयन के लिए अलग-अलग विद्यार्थियों के आवेदन, चयन प्रक्रिया के चरण, शोध परियोजनाओं के शीर्षक या प्रत्येक परियोजना के लिए नामित मार्गदर्शक के बारे में विस्तृत विवरण साझा नहीं किया गया है।
संस्थान ने स्नातक स्तर पर अनुसंधान को बढ़ावा देने को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल बताया है। रिसर्च सेल के सहयोग से चलने वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम आधारित चिकित्सा शिक्षा तक सीमित रखने के बजाय वैज्ञानिक अनुसंधान की प्रक्रिया से भी परिचित कराना है।
आईसीएमआर शॉर्ट टर्म स्टूडेंटशिप के तहत चयनित विद्यार्थियों को वरिष्ठ शोधकर्ताओं के साथ काम करने का अवसर मिलने से शोध पद्धति, वैज्ञानिक अध्ययन और परियोजना आधारित कार्य का अनुभव प्राप्त करने की व्यवस्था का उल्लेख संस्थान ने किया है।
इस कार्यक्रम में चयनित 12 विद्यार्थियों का संबंध सात विभागों से होने के कारण संस्थान के अलग-अलग चिकित्सा विषयों में स्नातक स्तर पर शोध गतिविधियों की भागीदारी की जानकारी सामने आती है।