उत्तर प्रदेश एटीएस और एसटीएफ ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए सहारनपुर से चार संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपी पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट के लिए काम कर रहे थे तथा प्रदेश के कई शहरों में स्कूलों, अस्पतालों और एक राजनीतिक दल के कार्यालय को निशाना बनाने की साजिश रच रहे थे।
एडीजी कानून एवं व्यवस्था अमिताभ यश ने बुधवार को बताया कि आरोपियों के खिलाफ एटीएस थाने में देश विरोधी साजिश रचने समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है। जांच एजेंसियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपी लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद समेत अन्य शहरों में स्कूलों और अस्पतालों को बम से उड़ाने की योजना बना रहे थे। इसके लिए कई स्थानों की रेकी भी की गई थी। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों ने विस्फोटक सामग्री और हथियारों की व्यवस्था को लेकर नोएडा में बैठक भी की थी।
एडीजी अमिताभ यश के मुताबिक पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी ने इंस्टाग्राम और यू-ट्यूब जैसे इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए आरोपियों को अपने नेटवर्क से जोड़ा था। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों को एक राजनीतिक दल के कार्यालय को निशाना बनाने का भी टास्क दिया गया था। सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार आरोपी गगनदीप सिंह उर्फ गुरी सिंह ने पूछताछ में बताया कि उसकी और महकाब की कुछ दिन पहले नोएडा में मुलाकात हुई थी। इस दौरान स्कूलों और अस्पतालों को निशाना बनाने के लिए विस्फोटक सामग्री और हथियार खरीदने हेतु फंड की व्यवस्था पर चर्चा हुई थी।
सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तानी गैंगस्टर ने आरोपियों से पहले किसी बड़ी घटना को अंजाम देने को कहा था। दावा किया गया है कि घटना के बाद उन्हें फंड उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि आरोपियों को कई स्कूल संचालित करने वाले एक व्यक्ति को निशाना बनाने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, अभी तक उस व्यक्ति की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
गिरफ्तार किए गए आरोपी
- 22 वर्षीय महकाब पुत्र हसरत, निवासी ढीक्का कला, सहारनपुर
- 20 वर्षीय शाहरुख पुत्र इकराम, निवासी ढीक्का कला, सहारनपुर
- 25 वर्षीय गगनदीप सिंह उर्फ गुरी सिंह पुत्र हरजीत सिंह, निवासी शाहपुर, मुजफ्फरनगर
- 22 वर्षीय मुशर्रफ पुत्र मुबारिक, निवासी ढनढेरा, हरिद्वार
जांच एजेंसियां आरोपियों के संपर्कों, फंडिंग नेटवर्क और संभावित अन्य सहयोगियों की जानकारी जुटाने में लगी हैं।