उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत से ठीक पहले समाजवादी पार्टी ने अपनी राजनीतिक रणनीति सार्वजनिक करते हुए योगी सरकार को कई जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर घेरने का ऐलान किया है। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि विधानसभा के भीतर शिक्षा, किसानों की समस्याएं, बेरोजगारी, सरकारी भर्तियां, भ्रष्टाचार, बिजली दरों और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। इस दौरान वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव सहित पार्टी के सभी विधायक मौजूद रहे।
प्रेस वार्ता में अखिलेश यादव ने शिक्षा व्यवस्था को सबसे अहम विषय बताते हुए पार्टी की ओर से 'पीडीए ऑडिट अंक-4' जारी किया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में 26 हजार से अधिक सरकारी विद्यालय बंद किए गए हैं, जिससे लगभग 28 लाख बच्चों का नामांकन प्रभावित हुआ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यालयों के विलय का सबसे अधिक असर दलित, पिछड़े और आदिवासी समुदाय के बच्चों पर पड़ा है तथा दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले गरीब परिवारों के बच्चों की शिक्षा प्रभावित हुई है।
सपा अध्यक्ष ने यह भी दावा किया कि प्रदेश में 62 हजार से अधिक शिक्षकों की संख्या कम हुई है, जबकि 81 हजार से अधिक पद रिक्त हैं। उनका आरोप था कि सरकार नए शिक्षकों की भर्ती नहीं कर रही है और शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी का 'पीडीए ऑडिट' शिक्षा व्यवस्था की स्थिति को सामने लाने का प्रयास है।
अखिलेश यादव ने किसानों की स्थिति को लेकर भी राज्य सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को पूरी खाद नहीं मिल रही है, डीजल और पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि से खेती की लागत बढ़ी है तथा आलू उत्पादकों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। उन्होंने किसानों की कर्ज माफी की मांग दोहराते हुए कहा कि इन विषयों को भी मानसून सत्र के दौरान सदन में उठाया जाएगा।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा सत्र में पार्टी बेरोजगारी, सरकारी नौकरियों में रिक्त पद, भ्रष्टाचार, एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं, बिजली की बढ़ी हुई दरों और कानून-व्यवस्था जैसे विषयों पर सरकार से जवाब मांगेगी। उन्होंने कहा कि विपक्ष जनता से जुड़े मुद्दों को विधानसभा में प्रमुखता से उठाएगा।
प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले का भी उल्लेख किया। इसके अलावा उन्होंने जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मुद्दे को भी उठाया।
उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र को पहले से बेहतर स्वरूप में विकसित किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 3 अगस्त से शुरू होना है। सत्र से पहले विपक्ष की इस प्रेस वार्ता को आगामी सदन की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। समाजवादी पार्टी ने संकेत दिया है कि वह शिक्षा, किसान, रोजगार, भ्रष्टाचार, बिजली, कानून-व्यवस्था और अन्य जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरने का प्रयास करेगी। वहीं इन आरोपों और दावों पर सरकार की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।