संभल रिपोर्ट ने किया बड़ा खुलासा 450 पन्नों ने दी डेमोग्राफी बदलाव की गवाही

28 Aug 2025


>उत्तर प्रदेश के संभल जिले में बीते वर्ष हुए दंगे के बाद गठित न्यायिक कमेटी ने गुरुवार को अपनी विस्तृत रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी। करीब 450 पन्नों की यह रिपोर्ट संभल की बदलती जनसांख्यिकी (Demography) और दशकों से चली आ रही सांप्रदायिक हिंसा पर केंद्रित है। रिपोर्ट में ऐसे कई तथ्य सामने आए हैं जो पूरे प्रदेश के लिए चिंता का विषय हो सकते हैं।


>कमेटी के अनुसार, आज़ादी के समय संभल नगर पालिका क्षेत्र की आबादी में 55% मुस्लिम और 45% हिंदू थे। लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। वर्तमान में जिले में 85% मुस्लिम और महज 15%-20% हिंदू आबादी बची है। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि बीते दशकों में लगातार दंगे, पलायन और तुष्टिकरण की राजनीति ने संभल की जनसांख्यिकी को पूरी तरह बदल दिया।


>रिपोर्ट में शाही जामा मस्जिद और हरिहर मंदिर विवाद का भी जिक्र है। कमेटी के अनुसार, हरिहर मंदिर के ऐतिहासिक अस्तित्व के प्रमाण सामने आए हैं, जिन्हें गंभीरता से दर्ज किया गया है। कमेटी ने बताया कि संभल में 1947 से लेकर 2019 तक कुल 15 दंगे हो चुके हैं। इनमें 1947, 1948, 1953, 1958, 1962, 1976, 1978, 1980, 1990, 1992, 1995, 2001 और 2019 जैसे वर्षों का विशेष उल्लेख है।


>रिपोर्ट के सबसे गंभीर पहलुओं में यह भी सामने आया कि संभल कई आतंकी संगठनों का गढ़ बन चुका है। इसमें अलकायदा और हरकत-उल-मुजाहिद्दीन जैसे अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठनों की सक्रियता का उल्लेख किया गया है। इस न्यायिक आयोग में इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस देवेंद्र कुमार अरोड़ा, रिटायर्ड IAS अमित मोहन और रिटायर्ड IPS अरविंद कुमार जैन शामिल थे। 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा के बाद ही इस आयोग का गठन किया गया था।