>पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता डॉ. संजीव बालियान ने देश में जातिवाद और हिंदुओं की घटती आबादी को लेकर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि “भारत को कोई खतरा बाहर से नहीं, बल्कि अपने ही घर से है। जातिवाद हमारी सबसे बड़ी कमजोरी बन चुका है।”
>डॉ. बालियान ने दावा किया कि मुजफ्फरनगर में आजादी के बाद से हिंदुओं की जनसंख्या 75% से घटकर 55% रह गई है। उन्होंने इसे डेमोग्राफिक बदलाव का संकेत बताते हुए कहा कि यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि आने वाले समय की गंभीर चेतावनी है।
>मुजफ्फरनगर में आयोजित हिंदू संघर्ष समिति के दीपावली सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए संजीव बालियान ने कहा, “जब तक हिंदू समाज जातियों में बंटा रहेगा, तब तक हम किसी भी खतरे का सामना नहीं कर पाएंगे। असली खतरा हमारे अंदर छिपा है जातिवाद से।”
>उन्होंने कहा कि आज जरूरत इस बात की है कि हिंदू समाज एकजुट होकर सामाजिक एकता की दिशा में कदम बढ़ाए।
>बालियान ने कार्यक्रम में कहा कि मुजफ्फरनगर और आसपास के जिलों में हिंदुओं की आबादी में लगातार गिरावट आ रही है। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और अगर आने वाले 10 वर्षों में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो इसका असर न केवल समाज पर बल्कि राजनीति पर भी पड़ेगा।
>उन्होंने कहा “सरकार वही करती है जिसकी मांग जनता करती है। इसलिए जनसंख्या नियंत्रण कानून अब समय की मांग है।”
>इस दीपावली सम्मान समारोह में जिले के 32 हिंदू संगठनों के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और धार्मिक नेता शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य हिंदू समाज में एकता और समरसता का संदेश देना था। कई सामाजिक कार्यकर्ताओं को उनके योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया।
>मीडिया से बातचीत में संजीव बालियान ने कैराना की सांसद इकरा हसन पर की गई जातीय टिप्पणी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि, “इकरा हसन एक महिला सांसद हैं, उनके खिलाफ किसी भी तरह की अभद्र टिप्पणी नहीं होनी चाहिए। राजनीति में असहमति हो सकती है, पर सम्मान बना रहना चाहिए।”
>कार्यक्रम आयोजक और हिंदूवादी नेता नरेंद्र पवार ने भी कहा कि हिंदू समाज की घटती जनसंख्या एक गंभीर मुद्दा है। उन्होंने कहा, “हम लंबे समय से जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग कर रहे हैं। अगर अभी कदम नहीं उठाया गया, तो आने वाले वर्षों में स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।”