सोशल मीडिया की आज़ादी का दुरुपयोग करना कितना महंगा पड़ सकता है, इसका उदाहरण हाल ही में सामने आया है। समाजवादी पार्टी की महिला सांसद इकरा हसन पर करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ठाकुर योगेंद्र राणा द्वारा की गई अशोभनीय टिप्पणी के मामले में FIR दर्ज कर ली गई है। यह मामला मुरादाबाद जिले के कटघर थाना क्षेत्र का है और सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
रविवार को मझोला निवासी सुनीता नामक महिला ने कटघर थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि योगेंद्र राणा ने एक वीडियो के माध्यम से महिला सांसद के खिलाफ अत्यंत आपत्तिजनक, निजी और लज्जाजनक भाषा का इस्तेमाल किया है। पुलिस ने तत्काल हरकत में आते हुए आईटी एक्ट की धारा 67, 356(2) और 79 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
वीडियो में ठाकुर योगेंद्र राणा यह कहता दिखाई दे रहा है कि वह "कैराना सांसद इकरा हसन से निकाह क़बूल करता है", साथ ही यह भी जोड़ता है कि "उसे नमाज़ पढ़ने या मुस्लिम धर्म में रहने से कोई ऐतराज नहीं।" उसने वीडियो में AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी और उनके भाई अकबरुद्दीन ओवैसी से खुद को "जीजा" कहने की मांग भी की।
हालांकि राणा ने इस वीडियो में धर्मनिरपेक्षता और भाईचारे की बात की, लेकिन जिस भाषा और संदर्भ में ये बातें कही गईं, उसने न केवल सांसद की व्यक्तिगत गरिमा को ठेस पहुंचाई, बल्कि एक महिला जनप्रतिनिधि के प्रति असम्मान भी दर्शाया।
इस वीडियो को लेकर मुस्लिम समुदाय, सपा कार्यकर्ताओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों में रोष व्याप्त है। सपा के पूर्व सांसद एस.टी. हसन ने इस टिप्पणी को पूरे मुस्लिम समाज और संसद का अपमान बताया है।
शिकायतकर्ता महिला सुनीता ने कहा कि ऐसे आचरण को नैतिक रूप से पूरी तरह निंदनीय माना जाना चाहिए और ऐसे व्यक्तियों के सोशल मीडिया अकाउंट्स को स्थायी रूप से ब्लॉक किया जाना चाहिए ताकि वे सार्वजनिक मंच का दुरुपयोग न कर सकें।
FIR दर्ज होने के बाद से ही आरोपी योगेंद्र राणा मोबाइल फोन बंद कर गायब हो गया है। पुलिस उसकी लोकेशन ट्रैक करने में जुटी है और जल्द गिरफ्तारी की बात कह रही है।