नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के सरिता विहार इलाके में रविवार तड़के एक डंपर ट्रक ने सड़क किनारे खड़ी क्रेन और ऑटो-रिक्शा को टक्कर मार दी। हादसे में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हुए हैं। घटना सुबह करीब 3:20 बजे हुई। हादसे के समय सड़क किनारे ‘सेफ सिटी प्रोजेक्ट’ के तहत कैमरे लगाने का काम चल रहा था।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, डंपर उत्तर प्रदेश के नोएडा की ओर से आ रहा था। इसी दौरान उसने सड़क किनारे खड़ी क्रेन और ऑटो-रिक्शा को टक्कर मार दी। हादसे के बाद डंपर चालक मौके से फरार हो गया। उसकी तलाश की जा रही है और मामले की जांच जारी है।
जानकारी के अनुसार, हादसे के समय सरिता विहार में सड़क किनारे ‘सेफ सिटी प्रोजेक्ट’ से संबंधित काम चल रहा था। मौके पर कैमरे लगाने के लिए कर्मचारी मौजूद थे। कुछ कर्मचारी नीचे थे, जबकि कुछ लोग ऊपर काम कर रहे थे। इसी दौरान डंपर वहां पहुंचा और सड़क किनारे खड़ी क्रेन तथा ऑटो-रिक्शा से टकरा गया। टक्कर की चपेट में वहां मौजूद लोग भी आ गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
हादसे में कम से कम चार लोगों की मौत होने की जानकारी दी गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार तीन मृतकों की पहचान 23 वर्षीय उमेश, 35 वर्षीय प्रवीण और 34 वर्षीय सूरज के रूप में हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, सूरज ‘सेफ सिटी प्रोजेक्ट’ से जुड़ी कंपनी में एचआर मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। हादसे में आकाश, अनूप और खेम सिंह घायल हुए हैं। तीनों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं सुधीर नाम का एक व्यक्ति इस घटना में बाल-बाल बच गया। उपलब्ध जानकारी में चार लोगों की मौत बताई गई है, जबकि पहचान की जानकारी फिलहाल तीन मृतकों की ही दी गई है।
हादसे के बाद डंपर चालक मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलने के बाद संबंधित अधिकारी मामले की जांच में जुट गए। चालक की तलाश की जा रही है। पुलिस और जांच एजेंसियां हादसे से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही हैं। दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और डंपर की गति या चालक की स्थिति क्या थी, इसकी आधिकारिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
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मृतक उमेश के पिता रामदास ने आईएएनएस से बातचीत में हादसे का घटनाक्रम बताते हुए कहा कि दो लोग ऊपर और दो लोग नीचे थे तथा सभी कैमरे लगाने का काम कर रहे थे। रामदास के मुताबिक, कर्मचारियों ने डंपर चालक को इशारा करके रोकने की कोशिश की, लेकिन वाहन नहीं रुका। उन्होंने बताया कि इसके बाद कई लोग डंपर की चपेट में आ गए। उन्होंने यह भी कहा कि उमेश डंपर के दोनों पहियों के बीच आ गया था। रामदास ने चालक के नींद में होने का दावा किया है। यह उनके द्वारा बताई गई घटना की जानकारी है; चालक की स्थिति को लेकर जांच के आधिकारिक निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
मृतक उमेश के भाई रतन सिंह ने बताया कि उमेश कैमरे लगाने का काम करते थे और ट्रैफिक पुलिस के लिए कैमरे लगाने की जिम्मेदारी से जुड़े थे। रतन सिंह के मुताबिक, घटना के समय कुछ लोग नीचे खड़े थे और कुछ लोग ऊपर काम कर रहे थे। उन्होंने बताया कि तेज गति से आए ट्रक ने सड़क किनारे खड़ी ऑटो सहित वहां मौजूद कई लोगों को टक्कर मार दी। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि अन्य घायलों ने अस्पताल में दम तोड़ा। रतन सिंह के अनुसार, उमेश के दो बच्चे हैं और वह संगम विहार में किराए के मकान में रहते थे। उन्होंने डंपर चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों में शोक का माहौल है। मृतक उमेश के परिवार के मुताबिक, उनके पीछे दो बच्चे हैं। घटना के बाद परिजन अस्पताल और संबंधित अधिकारियों से संपर्क में हैं। हादसे की जांच के साथ मृतकों और घायलों से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जा रही है।
यह दुर्घटना ऐसे समय हुई जब इलाके में ‘सेफ सिटी प्रोजेक्ट’ के तहत कैमरे लगाने का काम चल रहा था। इस काम के लिए सड़क किनारे क्रेन और अन्य वाहन मौजूद थे।उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कैमरे लगाने वाले कर्मचारी मौके पर काम कर रहे थे। इसी दौरान नोएडा की ओर से आ रहे डंपर ने सड़क किनारे मौजूद वाहनों और लोगों को टक्कर मार दी। हादसे में इस्तेमाल क्रेन और ऑटो भी दुर्घटना की चपेट में आए। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की।
घटना के बाद डंपर चालक मौके से फरार हो गया। उसकी तलाश की जा रही है। अधिकारियों की ओर से घटना की आगे की जांच जारी होने की जानकारी दी गई है। जांच में हादसे की परिस्थितियों, डंपर की आवाजाही और दुर्घटना से जुड़े अन्य तथ्यों को देखा जा रहा है। चालक की गिरफ्तारी और हादसे के कारणों से संबंधित आगे की जानकारी जांच पूरी होने के बाद सामने आ सकती है।