उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयान और उसके बाद शुरू होने वाली बहस कोई नई बात नहीं है। लेकिन इस बार चर्चा का केंद्र बना है बाराबंकी का एक कार्यक्रम, जहां उत्तर प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री सतीश शर्मा के संबोधन का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक इस बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
बाराबंकी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सतीश शर्मा ने पूर्वांचल के चर्चित माफिया रहे अतीक अहमद और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का जिक्र करते हुए समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों में अपराधियों और माफियाओं को संरक्षण दिया जाता था। इसी दौरान उन्होंने विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि "मुलायम सिंह यादव अतीक अहमद के कुत्ते को सहलाने का काम करते थे।" यही टिप्पणी अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गई है।
कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से साझा किया जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद समर्थकों और विरोधियों के बीच बहस शुरू हो गई है। भाजपा समर्थक इसे अपराध और माफिया तंत्र के खिलाफ सरकार की सख्त नीति से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि विपक्षी दलों से जुड़े लोग इस तरह की भाषा को राजनीतिक मर्यादा के अनुरूप नहीं मान रहे हैं।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में अतीक अहमद का नाम लंबे समय तक अपराध और राजनीति के कथित गठजोड़ को लेकर चर्चा का विषय रहा है। ऐसे में जब किसी राजनीतिक मंच से उनका जिक्र होता है तो वह अक्सर राजनीतिक बहस का हिस्सा बन जाता है। बाराबंकी में दिया गया यह बयान भी अब इसी कारण चर्चा में बना हुआ है।
फिलहाल समाजवादी पार्टी की ओर से इस बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि वायरल वीडियो के बाद राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। आने वाले दिनों में विभिन्न दलों की प्रतिक्रियाओं के बाद यह मुद्दा और चर्चा में रह सकता है।