गाजियाबाद। सावन माह के दौरान शुरू हुई कांवड़ यात्रा को देखते हुए गाजियाबाद में यातायात व्यवस्था में बदलाव लागू कर दिया गया है। कांवड़ियों के सुरक्षित आवागमन को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने दो प्रमुख कांवड़ मार्गों पर डायवर्जन लागू किया है। साथ ही भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है। अधिकारियों का कहना है कि कांवड़ियों की संख्या बढ़ने के साथ ट्रैफिक व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से संचालित किया जाएगा।
गाजियाबाद पुलिस की ओर से जारी ट्रैफिक एडवाइजरी के अनुसार, शहर में पारंपरिक कांवड़ मार्ग और नहर पटरी मार्ग पर विशेष यातायात प्रबंधन लागू रहेगा। लोगों से यात्रा से पहले निर्धारित मार्गों की जानकारी लेने और वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करने की अपील की गई है।
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, मेरठ से गाजियाबाद आने वाला पारंपरिक कांवड़ मार्ग कादराबाद, मोदीनगर होते हुए नए बस अड्डे तक पहुंचता है। इसी मार्ग से बड़ी संख्या में कांवड़िए हर वर्ष गुजरते हैं। इसके अलावा जानी बॉर्डर से मुरादनगर तक नहर पटरी मार्ग भी कांवड़ यात्रा का प्रमुख रास्ता है। इन दोनों मार्गों पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है ताकि कांवड़ियों का आवागमन सुरक्षित और सुचारु रूप से हो सके।
ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, जैसे-जैसे कांवड़ियों की संख्या बढ़ेगी, मेरठ की ओर से आने वाले मार्ग की बाईं लेन को पूरी तरह कांवड़ियों के लिए सुरक्षित रखा जाएगा। वहीं दाईं ओर की लेन से दोनों दिशाओं का सामान्य यातायात संचालित किया जाएगा। आवश्यकता के अनुसार यातायात व्यवस्था में समय-समय पर बदलाव भी किए जा सकते हैं।
अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर कांवड़ियों के समूह के गुजरने के दौरान आवश्यकता पड़ने पर यातायात को अस्थायी रूप से रोका जा सकता है। वहीं दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे कांवड़ मार्ग का हिस्सा नहीं है। यह मार्ग सामान्य वाहनों के लिए खुला रहेगा और इसके माध्यम से सहारनपुर, बागपत तथा देहरादून की ओर यात्रा की जा सकेगी।
सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर 25 हजार रुपये के चालान को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी ट्रैफिक पुलिस ने स्थिति स्पष्ट की है। अधिकारियों के अनुसार, 25 हजार रुपये का चालान दोपहिया वाहनों से संबंधित नियमों के तहत लागू होता है। यह प्रावधान कारों पर लागू नहीं है। कार चालक निर्धारित मार्गों का उपयोग कर सकते हैं और उन्हें इस संबंध में भ्रमित होने की आवश्यकता नहीं है।
कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात संचालन के लिए लगभग 700 ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इनके साथ ट्रैफिक वालंटियर्स भी विभिन्न स्थानों पर तैनात रहेंगे। पुलिस का कहना है कि फिलहाल शहर में किसी बड़े ट्रैफिक जाम की सूचना नहीं है। सुरक्षा और यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रतिबंध लागू किए गए हैं।
ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले जारी ट्रैफिक एडवाइजरी की जानकारी अवश्य लें। विशेष रूप से मेरठ, मोदीनगर, मुरादनगर और कांवड़ मार्ग से जुड़े इलाकों में जाने वाले वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। इससे अनावश्यक देरी से बचा जा सकेगा और कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग मिलेगा।