पूर्वी दिल्ली के सीमापुरी इलाके में बुधवार को एक जर्जर मकान गिरने से हादसा हो गया। घटना के बाद इलाके में राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। मकान गिरने की सूचना मिलने के बाद संबंधित टीमें मौके पर पहुंचीं और मलबे में फंसे लोगों को निकालने का काम शुरू किया गया। हादसे में दो लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। वहीं, मलबे में चार लोगों के फंसे होने की सूचना है। बचाव अभियान जारी है और पुलिस भी मौके पर राहत कार्य में जुटी हुई है।
मकान गिरने की घटना की सूचना दमकल विभाग को बुधवार दोपहर 3:32 बजे मिली। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके के लिए रवाना हुई। हादसे के बाद मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान चलाया जा रहा है। घटना के दौरान आसपास के इलाके में भी लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। बचाव दल मलबे के बीच फंसे लोगों तक पहुंचने और उन्हें बाहर निकालने की कोशिश में जुटा है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मकान गिरने के बाद चार लोगों के मलबे में फंसे होने की सूचना है। बचाव अभियान के दौरान मलबे को हटाकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है। हादसे में अब तक दो लोगों के घायल होने की जानकारी है। घायलों की स्थिति और उनकी पहचान के संबंध में उपलब्ध जानकारी में कोई अतिरिक्त विवरण नहीं दिया गया है। बचाव अभियान पूरा होने और मलबा हटाए जाने के बाद ही घटना से जुड़ी स्थिति की पूरी जानकारी सामने आ सकेगी।
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मिली जानकारी के मुताबिक, जो मकान गिरा है वह 25 गज में बना एल आकार का मकान था। यह इमारत जर्जर स्थिति में बताई गई है। मकान के गिरने के कारण आसपास के हिस्से पर भी असर पड़ा। घटना में पड़ोसी मकान के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी है। हादसे के बाद बचाव दल ने प्रभावित हिस्से में राहत कार्य शुरू किया। मकान के निर्माण, उसकी संरचना और गिरने के तकनीकी कारणों को लेकर फिलहाल उपलब्ध जानकारी में कोई विस्तृत आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है। इसलिए घटना के कारण को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं है।

हादसे की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस और बचाव दल की मौजूदगी में मलबे में फंसे लोगों को निकालने का अभियान जारी है। घटना के बाद प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की है। बचाव अभियान पूरा होने के बाद हादसे में प्रभावित लोगों और नुकसान से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
मकान गिरने का असर पास की इमारत पर भी पड़ा है। जानकारी के अनुसार, हादसे में पड़ोसी मकान क्षतिग्रस्त हुआ है। जर्जर मकान के गिरने के बाद आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर भी बचाव दल की गतिविधियां जारी हैं। प्रभावित हिस्से में मलबा हटाने और लोगों को बाहर निकालने का काम किया जा रहा है।
दिल्ली में इमारत गिरने की यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब पिछले महीने दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में भी एक इमारत ढहने का हादसा हुआ था। 6 सितंबर को सत्य निकेतन में पांच मंजिला पीजी इमारत ढह गई थी। उस हादसे में सात छात्रों की मौत हुई थी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, हादसे के समय इमारत में नवीनीकरण का काम चल रहा था। इस मामले में पुलिस ने मुख्य भवन मालिक हरिराम गुप्ता समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया था।
सत्य निकेतन हादसे के बाद अब पूर्वी दिल्ली के सीमापुरी में जर्जर मकान गिरने की घटना सामने आई है। दोनों घटनाएं अलग-अलग इलाकों में हुई हैं और उपलब्ध जानकारी के अनुसार इनके कारणों से संबंधित अलग-अलग तथ्य हैं। सीमापुरी की मौजूदा घटना में फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के बाद ही हादसे में कुल प्रभावित लोगों और नुकसान की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।