राजधानी के एसजीपीजीआईएमएस में सोमवार सुबह पूरे अस्पताल में हड़कंप मच गया, लिवर ट्रांसप्लांट यूनिट वार्ड में भर्ती एक बुजुर्ग मरीज का खून से लथपथ शव बेड पर पड़ा मिला। मृतक का गला धारदार हथियार से रेता गया था। शव के पास से खून से सना सर्जिकल ब्लेड भी बरामद हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई।
मृतक की पहचान कैंसर मरीज मुस्ताक अली के रूप में हुई है। वह एसजीपीजीआई के लिवर ट्रांसप्लांट यूनिट वार्ड में भर्ती थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, वार्ड में उनके साथ मौजूद सगे भाई मुख्तार अली को घटना की भनक तक नहीं लगी। बताया गया कि मुख्तार अली उसी वार्ड में सो रहे थे। सुबह एक अन्य मरीज की नजर जब मुस्ताक अली के शव पर पड़ी, तब उसने शोर मचाया और पूरे वार्ड में अफरा-तफरी मच गई।
सूचना मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन ने तत्काल पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, सुबह करीब पौने छह बजे घटना का आधिकारिक मेमो प्राप्त हुआ। इसके बाद हजरतगंज और स्थानीय थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त, अपर उपायुक्त और सहायक पुलिस आयुक्त ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। घटनास्थल से फॉरेंसिक टीम ने नमूने एकत्र किए हैं। साथ ही डॉग स्क्वायड की मदद से भी साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया गया। वार्ड और आसपास लगे निगरानी उपकरणों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन हत्या की संभावना से भी पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता। घटनास्थल की परिस्थितियों और बरामद सर्जिकल ब्लेड को ध्यान में रखते हुए सभी पहलुओं पर गहन जांच की जा रही है। पुलिस वार्ड में मौजूद मरीजों, तीमारदारों और अस्पताल कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है।