>एसजीपीजीआईएमएस ने शुक्रवार को अपना छठा शोध दिवस मनाया, जिसमें संस्थान के संकाय सदस्यों और छात्रों ने शोध क्षेत्र में वर्षभर की उपलब्धियों का विस्तृत प्रदर्शन किया। इस वर्ष 330 से अधिक शोध पोस्टर प्रस्तुत किए गए, जो पिछले वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय रूप से अधिक रहे।
>कार्यक्रम की शुरुआत पद्मश्री प्रोफेसर आर. के. धीमन के संबोधन से हुई, जिन्होंने 2020 में शोध दिवस की परंपरा की नींव रखी थी। उन्होंने शोध के प्रति बढ़ती जागरूकता और उत्साह पर संतोष व्यक्त किया।
>डीन प्रोफेसर शालीन कुमार ने बताया कि शोध संस्थान के तीन प्रमुख स्तंभों में से एक है और गुणवत्तापूर्ण व किफायती स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। संकाय प्रभारी (शोध) प्रोफेसर विनीता अग्रवाल ने बताया कि इस वर्ष संस्थान के 15 वैज्ञानिकों को सम्मानित किया गया, जिन्हें 2025 में अमेरिकी स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय की शीर्ष 2% रैंकिंग में स्थान मिला था।
>शोध दिवस के मुख्य वक्ता डॉ. विनोद स्कारिया ने 'सटीक चिकित्सा के लिए व्यक्तिगत जीनोम' विषय पर व्याख्यान दिया और प्रारंभिक रोग पहचान में आनुवंशिक विश्लेषण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। लगभग 26 निर्णायक मंडल ने विभिन्न श्रेणियों में शोध प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया। संकाय श्रेणी में 16 तथा छात्र श्रेणी में 24 पुरस्कार चयनित किए गए, जो 14 दिसंबर 2025 को संस्थान के स्थापना दिवस समारोह में प्रदान किए जाएंगे।