जिन गैंगस्टरों ने खरीदे हथियार, अब उन पर भी UAPA की कार्रवाई शुरू - शाहबाज अंसारी सिंडिकेट पर शिकंजा

02 Jun 2026

शाहबाज अंसारी सिंडिकेट पर शिकंजा फोटो सोर्स (दिल्ली पुलिस)

 

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच ने अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी से जुड़े शाहबाज अंसारी सिंडिकेट के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने इस नेटवर्क पर युएपीए लागू करते हुए अब उन गैंगस्टरों की भी पहचान शुरू कर दी है जिन्होंने इस गिरोह से हथियार खरीदे थे। 

 

अधिकारियों के अनुसार, अब तक 16 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन पर आरोप है कि वे नेपाल और अन्य स्थानों से हथियार लाकर उन्हें सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाते थे और बाद में गैंगस्टरों को सप्लाई करते थे।

 

गैंगस्टरों तक पहुंची जांच: क्राइम ब्रांच का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर के कई गैंगस्टरों ने कथित रूप से शाहबाज अंसारी नेटवर्क से अत्याधुनिक हथियार खरीदे थे। अब जांच एजेंसियां उन लोगों की पहचान कर रही हैं जिनके तार इस नेटवर्क से जुड़े पाए जाएंगे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिन गैंगस्टरों का संबंध इस नेटवर्क से सामने आएगा, उनके खिलाफ भी युएपीए के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

 

रोहित चौधरी की गिरफ्तारी, सलीम पिस्टल भी रडार पर: क्राइम ब्रांच ने हाल ही में दक्षिण दिल्ली के रोहित चौधरी को युएपीए के तहत गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियां अब सलीम पिस्टल समेत अन्य संदिग्धों पर भी नजर रखे हुए हैं। पुलिस के अनुसार, सलीम पहले शाहबाज अंसारी के लिए काम करता था। बाद में उसने खुद विदेशी हथियारों की तस्करी और आपूर्ति का नेटवर्क विकसित कर लिया। वह वर्तमान में तिहाड़ जेल में बंद है।

 

देशव्यापी छापेमारी में 16 गिरफ्तार: क्राइम ब्रांच ने विभिन्न राज्यों में अभियान चलाकर गिरोह से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपितों में सोनू गुप्ता, घनश्याम, नवाब, इमरान, कामरान, फर्दीन, वसीक, वसीम मलिक, अमन उर्फ अभिषेक, आदिल, राहिल, मोहम्मद अहमद और विशाल समेत अन्य नाम शामिल हैं। जांच के दौरान इमरान और कामरान को भी गिरफ्तार किया गया, जिन्हें नेपाल रूट का प्रमुख हैंडलर बताया गया है। पुलिस के अनुसार, इमरान शाहबाज अंसारी का रिश्तेदार है।

 

विदेशी हथियार और गोला-बारूद बरामद: कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 23 अत्याधुनिक सेमी-ऑटोमैटिक और विदेशी पिस्टल बरामद की हैं। इनमें जर्मनी, ब्राजील, इटली और तुर्की में निर्मित हथियार शामिल बताए गए हैं। इसके अलावा सब-मशीन गन, देसी शॉटगन, कट्टे, 92 कारतूस, छह स्पेयर मैगजीन, हथियार असेंबल करने के उपकरण, लैपटॉप और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।

 

नेपाल रूट से होती थी सप्लाई: जांच में सामने आया है कि हथियारों को नेपाल सीमा के रास्ते भारत लाया जाता था। कई मामलों में हथियारों को वाहनों में बनाई गई गुप्त जगहों में छिपाकर लाया जाता था ताकि सीमा जांच के दौरान उनका पता न चल सके। पुलिस के अनुसार, कई बार हथियारों को अलग-अलग हिस्सों में लाया जाता था और बाद में दिल्ली-एनसीआर में उन्हें असेंबल किया जाता था।

 

पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश से जुड़ा नेटवर्क: पुलिस जांच के अनुसार, शाहबाज अंसारी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के खुर्जा का रहने वाला है, लेकिन वह कथित तौर पर बांग्लादेश से नेटवर्क संचालित कर रहा था। जांच एजेंसियों का दावा है कि उसके नेटवर्क के तार पाकिस्तान और नेपाल तक फैले हुए हैं। पुलिस के अनुसार, उसका भाई दुबई से और अन्य सहयोगी बांग्लादेश से नेटवर्क संचालन में भूमिका निभाते थे।

 

सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड से भी जुड़ा नाम: जांच एजेंसियों के अनुसार, वर्ष 2022 में हुए पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में इस्तेमाल किए गए हथियारों की सप्लाई में भी शाहबाज अंसारी नेटवर्क का नाम सामने आया था। नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी ने दिसंबर 2022 में उसे UAPA के तहत गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसियों के अनुसार, जून 2025 में अंतरिम जमानत मिलने के बाद वह फरार हो गया था।