सेंट्रल विस्टा मेट्रो कॉरिडोर पर शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन के निर्माण का काम शुरू हो गया है। यह भूमिगत स्टेशन मौजूदा एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के नीचे बनाया जाएगा और इसे शिवाजी स्टेडियम एयरपोर्ट एक्सप्रेस मेट्रो स्टेशन से जोड़ा जाएगा। प्रस्तावित कनेक्टिविटी के जरिए मजेंटा लाइन और एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के बीच यात्रियों को इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी।
इस स्टेशन को येलो लाइन के राजीव चौक मेट्रो स्टेशन से भी जोड़ने की योजना है। इसके लिए ट्रैवलेटरयुक्त लगभग 800 मीटर लंबी भूमिगत सबवे बनाई जाएगी। वहीं, मजेंटा लाइन के नए स्टेशन को शिवाजी स्टेडियम एयरपोर्ट एक्सप्रेस स्टेशन से करीब 230 मीटर लंबी भूमिगत सबवे के माध्यम से जोड़े जाने की योजना है।
शिवाजी स्टेडियम स्टेशन के निर्माण और प्रस्तावित इंटरचेंज सुविधाओं के बाद नोएडा, उत्तरी दिल्ली, दक्षिणी दिल्ली और मध्य दिल्ली के विभिन्न हिस्सों से मेट्रो के जरिए एयरपोर्ट तक पहुंच आसान होने की बात कही गई है।
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यह कनेक्शन खास तौर पर उन यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण होगा, जिन्हें एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन तक पहुंचने के लिए मौजूदा नेटवर्क में अतिरिक्त बदलाव या यात्रा करनी पड़ती है। प्रस्तावित भूमिगत संपर्क के जरिए मजेंटा लाइन और एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के बीच आवाजाही का विकल्प उपलब्ध होगा।
राजीव चौक से भी स्टेशन को जोड़ने की योजना इस कॉरिडोर को येलो लाइन के नेटवर्क के साथ जोड़ देगी। इससे केंद्रीय दिल्ली के प्रमुख मेट्रो संपर्कों के बीच आवाजाही के लिए एक अतिरिक्त कड़ी तैयार होगी।
प्रस्तावित शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन जमीन से लगभग 38 मीटर नीचे बनाया जाएगा। यह गहराई लगभग 12 मंजिला इमारत की ऊंचाई के बराबर बताई गई है। स्टेशन का निर्माण मौजूदा एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के नीचे किया जाना है। इसके लिए भूमिगत ढांचे और कनेक्टिंग सबवे का निर्माण प्रस्तावित है। परियोजना के दौरान लोगों की सुविधा और प्रदूषण रोकथाम से जुड़े निर्धारित मानकों का पालन किए जाने की बात कही गई है।
सेंट्रल विस्टा मेट्रो कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 9.913 किलोमीटर होगी। इस कॉरिडोर पर कुल नौ भूमिगत स्टेशन बनाए जाएंगे। इनमें शिवाजी स्टेडियम, युगे युगीन भारत, केंद्रीय सचिवालय, कर्तव्य भवन, इंडिया गेट, वार मेमोरियल–हाई कोर्ट, बड़ौदा हाउस, भारत मंडपम और इंद्रप्रस्थ स्टेशन शामिल हैं। यह कॉरिडोर जनकपुरी पश्चिम से आरके आश्रम मार्ग तक चलने वाली मजेंटा लाइन के फेज-V(ए) के तहत सेंट्रल विस्टा तक विस्तार का हिस्सा है।
इसी कॉरिडोर के केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन पर निर्माण कार्य 24 जून 2026 को शुरू किया गया था। अब शिवाजी स्टेडियम स्टेशन पर भी निर्माण कार्य आरंभ हो गया है।
सोमवार को उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन के निर्माण कार्य की आधारशिला रखी। इस दौरान उन्होंने कहा कि मेट्रो के निरंतर विस्तार ने दिल्ली की तस्वीर बदल गई है।
परियोजना के निर्माण से कर्तव्य भवन परिसरों के साथ-साथ अन्य सरकारी कार्यालयों, हाई कोर्ट, पटियाला कोर्ट और राष्ट्रीय स्मारकों तक मेट्रो सुविधा पहुंचाने का प्रावधान है। दी गई जानकारी के अनुसार, इस कॉरिडोर से लगभग 60 हजार कर्मियों को सुविधा मिलने की उम्मीद है। मध्य दिल्ली में मेट्रो कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ सड़कों पर वाहनों के दबाव को कम करने का भी लक्ष्य परियोजना से जुड़ा है।
शिवाजी स्टेडियम स्टेशन की प्रमुख विशेषताओं में मजेंटा लाइन और एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के बीच इंटरचेंज शामिल है। योजना के अनुसार, दोनों स्टेशनों को भूमिगत सबवे से जोड़ा जाएगा।
मजेंटा लाइन के नए स्टेशन और शिवाजी स्टेडियम एयरपोर्ट एक्सप्रेस स्टेशन के बीच करीब 230 मीटर लंबी भूमिगत सबवे प्रस्तावित है। इसके अलावा राजीव चौक मेट्रो स्टेशन तक पहुंच के लिए करीब 800 मीटर लंबी भूमिगत सबवे बनाने की योजना है, जिसमें ट्रैवलेटर की सुविधा होगी। इन कनेक्टिविटी व्यवस्थाओं का उद्देश्य यात्रियों को अलग-अलग मेट्रो लाइनों के बीच आवाजाही का वैकल्पिक और सीधा मार्ग उपलब्ध कराना है।
परियोजना की जानकारी के अनुसार, सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर से मध्य दिल्ली के महत्वपूर्ण कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों तक मेट्रो पहुंच बढ़ेगी। कर्तव्य भवन परिसरों, हाई कोर्ट, पटियाला कोर्ट और राष्ट्रीय स्मारकों के अलावा आसपास के क्षेत्रों को भी बेहतर सार्वजनिक परिवहन संपर्क मिलने की योजना है।
एयरपोर्ट से जुड़ाव के कारण इस मार्ग का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों को भी लाभ मिलने की संभावना है। खास तौर पर मजेंटा लाइन से आने वाले यात्रियों के लिए एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन तक इंटरचेंज की सुविधा यात्रा को अधिक सीधा बनाएगी।
परियोजना के निर्माण के दौरान प्रदूषण रोकथाम से जुड़े सभी मानकों का पालन करने और लोगों की सुविधा का ध्यान रखने की बात कही गई है। यह पहल ऐसे समय में आगे बढ़ रही है जब मध्य दिल्ली में सेंट्रल विस्टा क्षेत्र के आसपास कई महत्वपूर्ण सरकारी और सार्वजनिक संस्थान स्थित हैं। नए भूमिगत मेट्रो स्टेशन और उससे जुड़े संपर्क मार्गों का निर्माण इसी क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को विस्तार देने की योजना का हिस्सा है।