सीतापुर जिले की 19 वर्षीय छात्रा मानसी, जो 25 मई को कॉलेज जाने के बाद घर नहीं लौटी थी, उसका कंकाल शनिवार को लखनऊ के बीकेटी थाना क्षेत्र स्थित आउटर रिंग रोड के पास महिपतपुर जंगल में बरामद किया गया। परिजनों ने कपड़ों और चप्पलों के आधार पर उसकी पहचान की है। मामले में पिता ने पहले से नामजद किए गए युवक पर अपहरण और हत्या का आरोप लगाया है।
मानसी के पिता महेश के अनुसार, उनकी बेटी रोज की तरह 25 मई को कॉलेज गई थी। वह आमतौर पर दोपहर करीब 12:30 बजे तक घर लौट आती थी, लेकिन उस दिन वापस नहीं आई। इसके बाद परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। परिजनों ने पहले अपने स्तर पर खोजबीन की। बाद में कॉलेज जाकर जानकारी ली, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। शाम तक तलाश जारी रहने के बाद परिवार पुलिस के पास पहुंचा।

महेश ने संदना थाना क्षेत्र के सरैया गांव निवासी विशाल पाल और उसकी बहन शिवानी पाल पर बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया था। उन्होंने पुलिस को दी गई शिकायत में कहा था कि दोनों ने मिलकर उनकी बेटी का अपहरण किया है। पिता के अनुसार, मानसी का मोबाइल फोन भी बंद आ रहा था, जिससे उनकी चिंता बढ़ गई थी।
परिवार का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में नामजद मुकदमा दर्ज करने में देरी की। बाद में 28 मई को मामला दर्ज किया गया। महेश का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो उनकी बेटी को बचाया जा सकता था। उन्होंने कई पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर मामले में तेजी लाने की मांग की थी।
पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट परिवार और ग्रामीणों ने 1 जून से धरना शुरू किया था। पिता के अनुसार, धरने के दौरान पुलिस अधिकारियों ने जल्द कार्रवाई और छात्रा को खोजने का आश्वासन दिया था। इसी बीच शनिवार को पुलिस उन्हें लखनऊ लेकर पहुंची, जहां जंगल में मिले अवशेषों की पहचान मानसी के रूप में की गई।
पुलिस के अनुसार, बीकेटी क्षेत्र के आउटर रिंग रोड के पास स्थित महिपतपुर जंगल से मानव अवशेष बरामद हुए। घटनास्थल पर बाल, कपड़े, हड्डियां और चप्पल मिलीं। परिजनों ने कपड़ों और चप्पलों के आधार पर मानसी की पहचान की।
पिता का आरोप है कि उनकी बेटी की हत्या में प्रेमी विशाल पाल की भूमिका है। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि घटना में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। महेश ने मांग की है कि मामले में शामिल सभी लोगों की गिरफ्तारी की जाए और कथित लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई हो।