नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहा ‘कॉकरोच प्रोटेस्ट’ अब व्यापक रूप लेता दिखाई दे रहा है। सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली की अन्य अदालतों से जुड़े करीब 100 वकीलों ने जंतर-मंतर की ओर मार्च किया। हालांकि दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रास्ते में ही हिरासत में ले लिया। यह विरोध प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ आयोजित किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने जताई नाराजगी
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने प्रदर्शनकारी वकीलों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की कथित कार्रवाई और बल प्रयोग पर गंभीर चिंता जताई है। एसोसिएशन ने एक प्रस्ताव पारित कर भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से मामले का तत्काल संज्ञान लेने की अपील की है।
साथ ही, संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर हिरासत में लिए गए वकीलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार एसोसिएशन ने विशेष रूप से वरिष्ठ और युवा वकीलों के साथ महिला वकीलों के खिलाफ कथित रूप से अत्यधिक बल प्रयोग किए जाने पर सवाल उठाए हैं। SCBA ने पूरे घटनाक्रम की जांच कराने और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करने की मांग भी की है।
महिला वकीलों से दुर्व्यवहार का आरोप
हिरासत में ली गई एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड सुमिता हजारिका ने ‘बार एंड बेंच’ को बताया कि कुछ महिला वकीलों के साथ अज्ञात पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया। उनके मुताबिक महिला वकीलों को अपराधियों के परिवहन में इस्तेमाल होने वाली वैन में ले जाया गया।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं
कॉकरोच जनता पार्टी और विभिन्न छात्र एवं युवा संगठनों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार करते हुए आवेदन देर से दिए जाने और कानून-व्यवस्था संबंधी आशंकाओं का हवाला दिया। प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी के कई इलाकों में बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने की खबर है। रिपोर्टों के मुताबिक 23 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी।
CJP के तीन नेता भी हिरासत में
कॉकरोच जनता पार्टी ने दावा किया कि उसके नेता अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को मुंबई से दिल्ली पहुंचने के बाद विमान के अंदर से ही हिरासत में ले लिया गया। पार्टी के अनुसार तीनों नेता जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने आए थे। CJP ने इस कार्रवाई को स्वतंत्र आवाजाही के अधिकार का उल्लंघन बताते हुए नेताओं की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की मांग की।