गाजियाबाद के खोड़ा क्षेत्र में हुए सूर्या चौहान हत्याकांड में पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। मामले में फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी सारिक मेवाती को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी ने हत्या में अपनी भूमिका स्वीकार की है और घटना में शामिल अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी दी है।
गाजियाबाद पुलिस के मुताबिक सारिक मेवाती मूल रूप से अलीगढ़ जिले के छर्रा बादशाह नगला का निवासी है। उसे बुधवार को नहर पटरी स्थित इंदिरापुरम अंडरपास के पास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि वह 28 मई को हुए सूर्या चौहान हत्याकांड में वांटेड था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान सारिक मेवाती ने बताया कि उसने अपने साथी असद, फरहान, अतीक और असद के पिता नवाब के साथ मिलकर सूर्या चौहान पर चाकू से हमला किया था। हमले के बाद घायल सूर्या को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 29 मई को उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई थी।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में आरोपी असद की पुलिस के साथ मुठभेड़ हुई थी, जिसमें वह मारा गया था। वहीं नवाब, फरहान और अतीक को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। सारिक की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़कर आगे की जांच कर रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार सारिक मेवाती की उम्र लगभग 20 वर्ष है और वह एक कंप्यूटर की दुकान में काम करता था। बताया गया कि वह सूर्या चौहान के घर से कुछ दूरी पर ही रहता था।
सूर्या हत्याकांड के बाद प्रशासन ने क्षेत्र में कई कार्रवाई शुरू की हैं। अधिकारियों ने खोड़ा इलाके में संचालित दो मदरसों को सील किया है। प्रशासन का कहना है कि ये मदरसे अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की अनुमति और वैध पंजीकरण के बिना संचालित किए जा रहे थे। इस संबंध में तीन लोगों के खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया है।
प्रशासन ने आरोपी असद के मकान पर भी नोटिस चस्पा किया है। नोटिस में कहा गया है कि मकान सरकारी भूमि पर बना होने का आरोप है और संबंधित पक्ष को 15 दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करना होगा।