>आगरा। विश्व प्रसिद्ध ताजमहल के दीदार के लिए आने वाले सैलानियों में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब उन्हें इंटरनेट पर सिर्फ 30 रुपये में ताजमहल का टिकट बिकता दिखा। कई लोगों ने टिकट बुक करने की कोशिश भी की, लेकिन भुगतान संभव न हो सका। बाद में पता चला कि यह कोई फेक वेबसाइट नहीं, बल्कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की टेस्टिंग पायलट वेबसाइट थी, जिसे नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) ने ट्रायल के लिए बनाया था।
>एएसआई की ओर से जारी स्पष्टीकरण में बताया गया कि असली टिकट बुकिंग वेबसाइट https://asi.paygov.org.in है। इसी वेबसाइट से देशभर के संरक्षित स्मारकों, खासकर ताजमहल, लाल किला और कुतुब मीनार के टिकट ऑनलाइन खरीदे जा सकते हैं।
वहीं पायलट साइट https://pilotasi.paygov.org.in केवल टेस्टिंग के उद्देश्य से बनाई गई थी, जहां टिकट की कीमतें डमी रूप में दिखाई जा रही थीं। इस वेबसाइट को अब इंटरनेट से हटा दिया गया है ताकि पर्यटक भ्रमित न हों।
>एएसआई के अनुसार, ताजमहल के मुख्य परिसर का टिकट ₹45 का है, जबकि मुख्य मकबरे तक प्रवेश करने के लिए ₹245 का अलग टिकट लिया जाता है। पायलट वेबसाइट पर ₹30 का टिकट सिर्फ टेस्टिंग के दौरान दिखाया गया था, जो वैध नहीं था।
>ताजमहल के वरिष्ठ संरक्षण सहायक प्रिंस वाजपेयी ने बताया कि यह वेबसाइट किसी साइबर धोखाधड़ी का हिस्सा नहीं थी। उन्होंने स्पष्ट किया “एनएसडीएल ने यह वेबसाइट केवल तकनीकी जांच के लिए बनाई थी। इस पर बुक होने वाले टिकट ताजमहल पर स्कैन नहीं हो सकते और न ही कोई ऑनलाइन भुगतान होता था। पर्यटकों को असुविधा से बचाने के लिए पायलट साइट को हटा दिया गया है।”
>एएसआई ने लोगों से अपील की है कि वे सिर्फ अधिकृत वेबसाइट या स्मारक की टिकट खिड़की से ही टिकट खरीदें। किसी भी संदिग्ध लिंक या तीसरे पक्ष की वेबसाइट पर भुगतान करने से पहले उसका URL जांच लें।