अम्बेडकरनगर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अम्बेडकरनगर के टांडा तहसील क्षेत्र के दो परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक संसाधनों से जोड़ने की पहल की गई। उच्च प्राथमिक विद्यालय खासपुर में नक्षत्रशाला लैब का शुभारंभ किया गया, जबकि पीएम श्री विद्यालय सूरापुर में नक्षत्रशाला के साथ आईसीटी लैब का उद्घाटन हुआ।
उच्च प्राथमिक विद्यालय खासपुर में नक्षत्रशाला का उद्घाटन मत्स्य विभाग के मंत्री संजय निषाद ने किया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी ईशा प्रिया, अपर जिलाधिकारी ज्योत्स्ना बन्धु, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट थनिगईयरसन टी, जिला विद्यालय निरीक्षक कौस्तुभ और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी पूनम सिंह मौजूद रहीं।
स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम के दौरान उच्च प्राथमिक विद्यालय खासपुर में नक्षत्रशाला लैब की शुरुआत की गई। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ आधुनिक और वैज्ञानिक संसाधनों से जोड़ना है। उद्घाटन अवसर पर मंत्री संजय निषाद ने केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और बच्चों को आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया गया।
टांडा के पीएम श्री विद्यालय सूरापुर में भी नक्षत्रशाला एवं आईसीटी लैब का उद्घाटन किया गया। यहां जिलाधिकारी ईशा प्रिया, अपर जिलाधिकारी ज्योत्स्ना बन्धु और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट थनिगईयरसन टी ने दोनों सुविधाओं का शुभारंभ किया। विद्यालय परिसर में इस अवसर पर वृक्षारोपण भी किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक, छात्र-छात्राएं, अभिभावक और ग्रामवासी मौजूद रहे। नक्षत्रशाला और आईसीटी लैब की शुरुआत को विद्यालयों में आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में एक पहल के रूप में देखा जा रहा है। इससे विद्यार्थियों को विज्ञान और तकनीकी विषयों को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित रखने के बजाय प्रयोगात्मक रूप से समझने का अवसर मिलेगा।

नक्षत्रशाला के उद्घाटन के बाद अधिकारियों ने वहां उपलब्ध दूरदर्शी के माध्यम से खगोलीय गतिविधियों का अवलोकन किया। इससे नक्षत्रशाला में उपलब्ध संसाधनों का प्रत्यक्ष प्रदर्शन भी हुआ। जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें नक्षत्रशाला का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि बच्चे अपने अभिभावकों के साथ शाम के समय नक्षत्रशाला में आकर सितारों और चांद को करीब से देखें तथा खगोलीय ज्ञान को समझें। जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों को जीवन में सितारों की तरह चमकने के लिए भी प्रेरित किया।
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जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के साथ बच्चों को तकनीकी और वैज्ञानिक ज्ञान उपलब्ध कराने के लिए भविष्य में इसी प्रकार की और लैब स्थापित की जाएंगी। इस पहल में नक्षत्रशाला और आईसीटी लैब दोनों को शिक्षा के आधुनिक संसाधनों के तौर पर शामिल किया गया है। नक्षत्रशाला के माध्यम से विद्यार्थियों को खगोलीय गतिविधियों को देखने और समझने का अवसर मिलेगा, जबकि आईसीटी लैब तकनीकी शिक्षा से जुड़ी सीख को बढ़ावा देने के लिए उपयोगी होगी।
टांडा क्षेत्र के इन विद्यालयों में नक्षत्रशाला और आईसीटी लैब के शुरू होने से विद्यार्थियों के लिए विज्ञान और तकनीकी शिक्षा को अधिक प्रयोगात्मक तरीके से समझने का अवसर उपलब्ध होगा। नक्षत्रशाला में दूरदर्शी के माध्यम से खगोलीय गतिविधियों का अवलोकन किया जा सकेगा। इससे विद्यार्थियों को सितारों, चांद और अन्य खगोलीय विषयों को प्रत्यक्ष रूप से देखने और उनके बारे में जानकारी हासिल करने का अवसर मिलेगा। वहीं, आईसीटी लैब के माध्यम से तकनीकी संसाधनों से जुड़ी शिक्षा को विद्यालय स्तर पर बढ़ावा देने की व्यवस्था की गई है।
दोनों विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों में शिक्षा विभाग और प्रशासन से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही विद्यालय के शिक्षक, छात्र-छात्राएं, अभिभावक और ग्रामवासी भी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल हुए। नक्षत्रशाला के शुभारंभ के दौरान विद्यार्थियों को उपलब्ध सुविधाओं और उनके उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। अधिकारियों ने भी विद्यालयों में शिक्षा के लिए आधुनिक संसाधनों के उपयोग पर जोर दिया।