अम्बेडकरनगर। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा के दूसरे दिन शुक्रवार को उस समय परीक्षा केंद्रों पर हलचल बढ़ गई, जब जिलाधिकारी ईशा प्रिया और पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह अचानक औचक निरीक्षण के लिए पहुंच गईं। दोनों अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों के प्रवेश से लेकर सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और परीक्षा संचालन तक की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।
जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, अकबरपुर तथा रमाबाई राजकीय पीजी कॉलेज, अकबरपुर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की जांच प्रक्रिया, प्रवेश व्यवस्था, परीक्षा कक्षों की तैयारियों, सीसीटीवी कैमरों की निगरानी व्यवस्था और ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले प्रत्येक अभ्यर्थी की निर्धारित मानकों के अनुरूप जांच की जा रही है। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था का भी जायजा लिया और परीक्षा के दौरान अपनाई जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी केंद्र व्यवस्थापकों से ली। प्रशासन की ओर से परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और निगरानी के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए थे, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष वातावरण में संपन्न हो सके।
परीक्षा केंद्रों पर पूरी परीक्षा सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में आयोजित की गई। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने कैमरों की कार्यशीलता तथा निगरानी व्यवस्था का अवलोकन किया। साथ ही परीक्षा कक्षों में बैठने की व्यवस्था और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की उपस्थिति का भी निरीक्षण किया।
यूपीटीईटी परीक्षा में शामिल होने के लिए अम्बेडकरनगर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर जिले के अलावा अन्य जनपदों से भी अभ्यर्थी पहुंचे। परीक्षा शुरू होने से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों की जांच की गई और समयबद्ध तरीके से उन्हें परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया गया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिए कि परीक्षा की शुचिता, पारदर्शिता और गोपनीयता बनाए रखने में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि शासन और परीक्षा नियामक प्राधिकारी द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि परीक्षा संचालन के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।