>सुपौल, 04 अक्टूबर। आजादी के बाद सुपौल जिले के इतिहास में एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। नव निर्मित त्रिवेणीगंज-अमहा पिपरा रेलखंड पर पहली यात्री ट्रेन सेवा का शुभारंभ शनिवार को किया गया। सुबह 10:30 बजे स्टेशन पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में स्थानीय सांसद, विधायक और गणमान्य अतिथि मौजूद रहे, जिन्होंने पहली ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
>यह सेवा लंबे समय से चले आ रहे प्रयासों का परिणाम है। सुपौल विधायक और बिहार सरकार के मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव के लगातार प्रयासों के बाद सुपौल-अररिया-गलगलिया रेलखंड को स्वीकृति मिली और अब यह रेल सेवा त्रिवेणीगंज तक विस्तारित हुई है। भविष्य में इसे अररिया तक बढ़ाने की योजना भी बनाई गई है, जिससे सीमांचल क्षेत्र के लोगों को यात्रा में काफी सुविधा होगी।
>रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस नई ट्रेन सेवा से स्थानीय लोगों को सुरक्षित और आसान यात्रा का साधन मिलेगा। साथ ही व्यापार और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी। ग्रामीण इलाकों का बड़े शहरों से सीधा जुड़ाव होने से क्षेत्र का समग्र विकास तेज होगा और लोगों की जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव आएगा।
>स्थानीय लोग दशकों के इंतजार के बाद इस ऐतिहासिक पल को देखने के लिए स्टेशन पर उमड़े हुए थे। स्टेशन पर उत्सव जैसा माहौल था और हर कोई इस उपलब्धि का साक्षी बनने के लिए उत्साहित था।
>विशेषज्ञों का मानना है कि यह रेल सेवा न केवल यात्रा सुविधा बढ़ाएगी, बल्कि छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों के लिए रोजमर्रा की यात्रा और माल परिवहन को भी आसान बनाएगी। किसानों के लिए अब कृषि उत्पाद बड़े शहरों तक आसानी से पहुंच सकेंगे, जिससे उनकी आय में वृद्धि और स्थानीय अर्थव्यवस्था में मजबूती आएगी।
>सुपौल जिले के लिए यह दिन गौरव और उपलब्धि का प्रतीक है। आजादी के बाद पहली बार त्रिवेणीगंज स्टेशन पर ट्रेन की सीटी गूंजने के साथ ही जिले में यात्रा, रोजगार और विकास की नई उम्मीदें भी जगी हैं।