मध्य पूर्व में जारी अमेरिका-ईरान तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच पहली बार फोन पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय स्थिति, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और स्थिरता बनाए रखने के मुद्दों पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि दोनों नेताओं के बीच पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर विस्तृत बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि भारत तनाव कम करने और जल्द शांति बहाल करने का समर्थन करता है।
Received a call from President Trump and had a useful exchange of views on the situation in West Asia. India supports de-escalation and restoration of peace at the earliest. Ensuring that the Strait of Hormuz remains open, secure and accessible is essential for the whole world.…
— Narendra Modi (@narendramodi) March 24, 2026
बातचीत के दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुला और सुरक्षित बनाए रखने के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का प्रमुख मार्ग है और इसके बाधित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर व्यापक असर पड़ सकता है।
अमेरिकी प्रशासन की ओर से भी बातचीत की पुष्टि करते हुए कहा गया कि दोनों नेताओं ने ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखने के लिए सहयोग जारी रखने पर सहमति जताई। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी पक्ष ने ईरान को इस मार्ग को खोलने के लिए समयसीमा बढ़ाने और संभावित सैन्य कार्रवाई को कुछ समय के लिए टालने की जानकारी भी साझा की।
इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो सहित कई देशों के नेताओं से बातचीत कर ऊर्जा संकट और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों पर चर्चा की थी। साथ ही खाड़ी देशों के राजदूतों से मुलाकात कर भारत की ऊर्जा सुरक्षा चिंताओं को साझा किया गया।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की कीमतों में उछाल देखा जा रहा है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। भारत ने क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग जारी रखने की बात दोहराई है।