10 दिन, चार कार्यक्रम और 6,672 नियुक्तियां; युवाओं ने साझा की अपनी कहानी

28 Sep 2026

28 सितंबर, लखनऊ। सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र मिलने के बाद सोमवार को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में कई अभ्यर्थियों ने अपनी खुशी और संघर्ष की कहानी साझा की। किसी ने परिवार की आर्थिक परिस्थितियों का जिक्र किया तो किसी ने नौकरी मिलने से अपने बच्चे के भविष्य को लेकर बनी चिंता कम होने की बात कही। कार्यक्रम में कुछ अभ्यर्थी अपनी बात रखते हुए भावुक भी हुए।

मौका इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित ग्राम पंचायत अधिकारियों के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम का था। यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 11 नवचयनित अभ्यर्थियों को मंच पर प्रतीकात्मक रूप से नियुक्ति पत्र सौंपे। नियुक्ति पत्र पाने वाले अभ्यर्थियों ने इस दौरान अपने चयन, परिवार की परिस्थितियों और सरकारी सेवा में जाने की अपनी उम्मीदों के बारे में बताया। अभ्यर्थियों ने चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बताया और इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताया।

ये खबर भी पढ़े - यूपी में 28 सितंबर से ऑपरेशन कवच, अनधिकृत बसों के खिलाफ चलेगा विशेष अभियान

मंच पर नियुक्ति पत्र पाने वाले अभ्यर्थियों में अलग-अलग जिलों से चयनित युवा शामिल थे। इनमें प्रयागराज के आशुतोष त्रिपाठी, आगरा के ओम बघेल, गाजीपुर के प्रवीण कुमार, प्रतापगढ़ की सुधा, कुशीनगर के आदित्य सिंह, हमीरपुर की नेहा देवी, फतेहपुर की रूपाली गुप्ता, लखनऊ की श्रुति श्रीवास्तव, गोरखपुर की ब्यूटी शाही, गाजीपुर के शुभम कुमार और प्रतापगढ़ के अमित कुमार सिंह शामिल रहे।

लखनऊ की श्रुति श्रीवास्तव ने बताया कि वह अपने ससुराल की पहली महिला हैं, जो सरकारी सेवा में जा रही हैं। उन्होंने बताया कि गर्भावस्था के दौरान उन्हें भविष्य को लेकर चिंता रहती थी। नियुक्ति मिलने के बाद उन्हें नई उम्मीद और आत्मविश्वास मिला है। श्रुति ने भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष बताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। उनकी कहानी कार्यक्रम में मौजूद उन अभ्यर्थियों की व्यक्तिगत परिस्थितियों को भी सामने लेकर आई, जिनके लिए सरकारी नौकरी केवल रोजगार का साधन नहीं बल्कि परिवार के भविष्य से जुड़ी उम्मीद भी है।

कुशीनगर के आदित्य सिंह किसान परिवार से आते हैं। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा में चयन से उन्हें प्रदेश की सेवा करने का अवसर मिला है। आदित्य ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बताया। उनके लिए सरकारी सेवा में चयन परिवार की पृष्ठभूमि से आगे बढ़कर प्रदेश में काम करने का अवसर भी है।

गोरखपुर की ब्यूटी शाही ने बताया कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी मिलने से वह जनसेवा के साथ-साथ परिवार की परिस्थितियों को बेहतर करने में भी योगदान दे सकेंगी। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम में अभ्यर्थियों की ओर से सामने आई व्यक्तिगत कहानियों में परिवार की आर्थिक स्थिति और भविष्य से जुड़ी उम्मीदें प्रमुख रूप से दिखाई दीं।

ग्राम पंचायत अधिकारियों का नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम मिशन रोजगार के तहत पिछले 10 दिनों में आयोजित चौथा बड़ा कार्यक्रम बताया गया है। 19 से 28 सितंबर के बीच चार बड़े कार्यक्रमों में कुल 6,672 युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। इस अवधि में अलग-अलग विभागों और भर्ती संस्थाओं के माध्यम से चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए।

19 सितंबर को लोकभवन में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए थे। इनमें चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा, आयुष, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग से जुड़े अभ्यर्थी शामिल थे।

20 सितंबर को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड से चयनित 912 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इनमें पुलिस उपनिरीक्षक (गोपनीय), पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लिपिक) और पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) के पदों पर चयनित अभ्यर्थी शामिल थे।

22 सितंबर को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से चयनित 3,567 शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इनमें 1,090 महिलाएं और 2,477 पुरुष शामिल थे। इन अभ्यर्थियों का चयन प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता और सहायक अध्यापक के पदों पर हुआ था। इसके बाद 28 सितंबर को ग्राम पंचायत अधिकारियों के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में 1,375 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए।

19 सितंबर को 818, 20 सितंबर को 912, 22 सितंबर को 3,567 और 28 सितंबर को 1,375 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इन चारों कार्यक्रमों को मिलाकर कुल संख्या 6,672 होती है। इन कार्यक्रमों में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, आयुष, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास, पुलिस, शिक्षा और ग्राम पंचायत से जुड़े पदों पर चयनित अभ्यर्थी शामिल रहे।