यूपी में 1,606 करोड़ का मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार, लखनऊ में बनेगा 1010 बेड अस्पताल

11 Sep 2026

उत्तर प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए 1,606.83 करोड़ रुपये की 65 परियोजनाएं शिलान्यास और लोकार्पण के लिए तैयार हैं। चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले विभिन्न मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सा संस्थानों से संबंधित इन परियोजनाओं में अस्पताल भवन, ट्रॉमा सेंटर, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र, नर्सिंग कॉलेज, छात्रावास, लेक्चर थिएटर और परीक्षा भवन सहित कई तरह के निर्माण और विस्तार कार्य शामिल हैं।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कुल 65 परियोजनाओं में 44 परियोजनाएं शिलान्यास से संबंधित हैं, जिनकी अनुमानित लागत 1,400.70 करोड़ रुपये है। वहीं 21 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और लोकार्पण के लिए तैयार हैं। इन 21 परियोजनाओं की कुल लागत करीब 206.13 करोड़ रुपये बताई गई है। परियोजनाओं का दायरा केवल मरीजों के उपचार से जुड़ी इमारतों तक सीमित नहीं है। मेडिकल कॉलेजों में बढ़ी सीटों के अनुरूप छात्रों के लिए छात्रावास, अकादमिक भवन और दूसरी सुविधाओं के साथ संस्थानों में जलापूर्ति, सीवरेज, बिजली और अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं पर भी काम प्रस्तावित है।

इन परियोजनाओं में सबसे अधिक लागत वाली परियोजना लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान से संबंधित है। संस्थान के गोमतीनगर विस्तार स्थित नए परिसर में पहले से निर्मित बेसमेंट के ऊपर 1010 शैय्या वाले अस्पताल भवन का निर्माण प्रस्तावित है। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 855.04 करोड़ रुपये है। प्रस्तावित अस्पताल भवन राज्य में चिकित्सा संस्थानों के विस्तार से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं में शामिल है। इसी संस्थान की लोकार्पण के लिए तैयार परियोजनाओं में मुख्य चिकित्सा भवन की छठी और सातवीं मंजिल पर किडनी, लिवर और बोन मैरो ट्रांसप्लांटेशन यूनिट की स्थापना भी शामिल है। इस परियोजना की लागत करीब 18.22 करोड़ रुपये बताई गई है। संस्थान के 200 बेड वाले राम प्रकाश गुप्ता मेमोरियल मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में रेडियोलॉजिकल ब्लॉक के पास 100 मरीजों की क्षमता वाला प्रतीक्षालय भी तैयार परियोजनाओं में शामिल है।

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मेरठ मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार से संबंधित कई परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। मौजूदा लेवल-2 ट्रॉमा सेंटर को 100 बेड के लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर में विकसित करने के लिए करीब 48.15 करोड़ रुपये खर्च किए जाने प्रस्तावित हैं। इसके अलावा बाल रोग विभाग में एमसीएच सेंटर के निर्माण पर करीब 34.82 करोड़ रुपये की परियोजना प्रस्तावित है। मेडिकल कॉलेज परिसर में सीवरेज व्यवस्था, महिला और पुरुष स्नातकोत्तर छात्रावास, जलापूर्ति प्रणाली, 10 एमएलडी एसटीपी तथा बिजली से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं को भी विकसित किया जाना है। लोकार्पण के लिए तैयार परियोजनाओं में मेरठ मेडिकल कॉलेज के 100 बेड वाले बालिका छात्रावास, 100 बेड वाले बालक छात्रावास और 100 बेड वाले इंटर्न छात्रावास के साथ परीक्षा भवन विस्तार और लेक्चर थिएटर जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

कानपुर मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध चिकित्सालयों में भी चिकित्सा ढांचे के विस्तार से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं। यहां नए जनरेटर की व्यवस्था के साथ करीब 49.40 करोड़ रुपये की लागत से नया संक्रामक रोग चिकित्सालय बनाने की तैयारी है। लोकार्पण के लिए तैयार परियोजनाओं में बढ़ी हुई स्नातक सीटों के अनुरूप मेडिकल रिकॉर्ड सेक्शन और स्नातक बालक छात्रावास का विस्तार शामिल है। मानसिक रोग विभाग में एमडी साइकियाट्री पाठ्यक्रम के लिए विभाग के विस्तार तथा डी-एडिक्शन वार्ड ब्लॉक की परियोजनाएं भी लोकार्पण सूची में शामिल हैं।

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मेडिकल कॉलेजों में सीटों में बढ़ोतरी के अनुरूप छात्रों के लिए आवासीय और अकादमिक सुविधाओं का विस्तार भी परियोजनाओं का हिस्सा है। झांसी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस स्नातक सीटों में वृद्धि को देखते हुए बहुमंजिला भवन में लेक्चर थिएटर, वातानुकूलित पुस्तकालय, सम्मेलन कक्ष, कैफेटेरिया और परीक्षा हॉल का निर्माण प्रस्तावित है। इस परियोजना की लागत करीब 28.44 करोड़ रुपये है। इसके साथ 272 बेड वाले स्नातक बालिका छात्रावास के निर्माण पर करीब 26.89 करोड़ रुपये की परियोजना प्रस्तावित है। कुशीनगर में 100 बेड वाले बालिका छात्रावास, 100 बेड वाले बालक छात्रावास और एसटीपी से संबंधित काम प्रस्तावित हैं। अयोध्या मेडिकल कॉलेज में 100 शैय्या वाला इंटर्न छात्रावास, 100 शैय्या वाला बालक छात्रावास और 100 शैय्या वाला स्नातक बालिका छात्रावास समेत अन्य निर्माण कार्यों की योजना शामिल है। एटा में भी बालक और बालिका छात्रावास तथा परिसर की अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं।

इन परियोजनाओं में नर्सिंग शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार भी शामिल है। गोंडा मेडिकल कॉलेज में करीब 9.93 करोड़ रुपये की लागत से नर्सिंग कॉलेज की स्थापना प्रस्तावित है। लोकार्पण के लिए तैयार परियोजनाओं में बहराइच, अयोध्या और हरदोई के स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालयों में नर्सिंग कॉलेज शामिल हैं। सहारनपुर मेडिकल कॉलेज में 60 सीट वाले बीएससी नर्सिंग कॉलेज के निर्माण की परियोजना करीब 20.82 करोड़ रुपये की है। ग्रेटर नोएडा स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भी करीब 20.82 करोड़ रुपये की लागत से कॉलेज ऑफ नर्सिंग परियोजना सूची में शामिल है।

गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में करीब 43.68 करोड़ रुपये की लागत से बहुमंजिला रोगी सहायक आधुनिक कैंटीन प्रस्तावित है। वहीं, लोकार्पण के लिए तैयार परियोजनाओं में बहुमंजिला डबल सीटेड बालिका छात्रावास भी शामिल है। इससे मेडिकल कॉलेज के परिसर में छात्रों और रोगियों से जुड़ी सहायक सुविधाओं के विस्तार का हिस्सा सामने आता है।

जौनपुर के स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में चिकित्सकों के आवास से जुड़ी परियोजनाओं के साथ टाइप-1, टाइप-2 और टाइप-4 आवास प्रस्तावित हैं। इसके अलावा 200 क्षमता वाले दो व्याख्यान कक्ष, इंटर्न पुरुष छात्रावास, फैकल्टी पार्किंग, अग्निशमन व्यवस्था, गेस्ट हाउस और अन्य परिसर सुविधाओं से संबंधित कार्य भी प्रस्तावित परियोजनाओं में शामिल हैं। मिर्जापुर स्थित मां विंध्यवासिनी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में एमबीबीएस छात्रों के लिए 160 क्षमता और छात्राओं के लिए 140 क्षमता वाले छात्रावास प्रस्तावित हैं। इसके साथ चार व्याख्यान कक्षों में ध्वनिरोधक निर्माण कार्य भी प्रस्तावित है।

बस्ती के ओपेक चिकित्सालय कैली में क्लीनिकल ब्लॉक का निर्माण प्रस्तावित है। वहीं लोकार्पण के लिए तैयार परियोजनाओं में इसी अस्पताल परिसर में गेस्ट हाउस, बैंक, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और शवगृह से जुड़े नए भवन शामिल हैं। शाहजहांपुर में इमरजेंसी विभाग के जीर्णोद्धार एवं निर्माण के साथ नर्सिंग कॉलेज की स्थापना से संबंधित परियोजनाएं भी सूची में हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और उनसे जुड़े शैक्षणिक परिसरों में अलग-अलग जरूरतों के मुताबिक निर्माण और विस्तार कार्य किए जाने हैं।

कुल 65 परियोजनाओं में 21 परियोजनाएं ऐसी हैं, जिनका निर्माण पूरा हो चुका है और उन्हें लोकार्पण के लिए सूचीबद्ध किया गया है। इनकी कुल लागत करीब 206.13 करोड़ रुपये है। इनमें मेडिकल छात्रों के छात्रावास, परीक्षा भवन, लेक्चर थिएटर, मेडिकल रिकॉर्ड सेक्शन, मानसिक रोग विभाग के विस्तार और अन्य चिकित्सा एवं संस्थागत सुविधाएं शामिल हैं। शेष 44 परियोजनाएं शिलान्यास से संबंधित हैं। इनकी कुल अनुमानित लागत करीब 1,400.70 करोड़ रुपये है। इनमें लखनऊ के 1010 बेड वाले अस्पताल भवन से लेकर मेरठ के लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर और एमसीएच सेंटर, नर्सिंग कॉलेज, छात्रावास तथा परिसर की आधारभूत सुविधाओं से जुड़े काम शामिल हैं।