उत्तर प्रदेश में राजस्व विभाग ने नायब तहसीलदारों की पदोन्नति और नई तैनाती से जुड़ा आदेश जारी किया है। राजस्व आयुक्त एवं सचिव कंचन वर्मा ने नियमित चयन प्रक्रिया के तहत नायब तहसीलदार से तहसीलदार पद पर पदोन्नत किए गए 332 अधिकारियों की नई तैनाती के आदेश जारी किए हैं।
पदोन्नति के बाद इन अधिकारियों को राज्य के अलग-अलग जिलों में तहसीलदार के पद पर नई जिम्मेदारी दी गई है। आदेश के अनुसार, अधिकारियों को अपने नए तैनाती स्थल पर तुरंत कार्यभार ग्रहण करना होगा।
राजस्व विभाग ने कार्यभार ग्रहण करने को लेकर समयसीमा भी तय की है। आदेश में कहा गया है कि 25 अगस्त तक कार्यभार ग्रहण नहीं करने वाले अधिकारियों को स्वतः कार्यमुक्त माना जाएगा। इसके साथ ही पूर्व तैनाती वाले स्थान से उनका वेतन नहीं मिलने की बात भी कही गई है।
पदोन्नत किए गए तहसीलदारों को उत्तर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों में तैनात किया गया है। जारी आदेश के अनुसार इनमें मेरठ, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, आगरा, लखनऊ, अलीगढ़, अमरोहा, बांदा, हमीरपुर, अंबेडकरनगर, जौनपुर, रायबरेली, कुशीनगर, चित्रकूट और सिद्धार्थनगर शामिल हैं।
इन जिलों में प्रशासनिक जरूरत के अनुसार पदोन्नत अधिकारियों को तैनाती दी गई है। कुछ बड़े जिलों में तीन-तीन अधिकारियों की तैनाती की गई है। हालांकि, संबंधित अधिकारियों को किस तहसील में जिम्मेदारी दी जाएगी, इसका अंतिम आवंटन जिलाधिकारियों की ओर से किया जाएगा।
इस तरह आदेश में जिले स्तर की नई तैनाती तय कर दी गई है, जबकि तहसील स्तर पर जिम्मेदारी बांटने की प्रक्रिया संबंधित जिलाधिकारियों के स्तर पर पूरी की जाएगी।
332 पदोन्नत अधिकारियों में सभी की तैनाती केवल जिलों की तहसीलों में नहीं की गई है। आदेश के अनुसार, कुछ अधिकारियों को यूपीडा, मेला प्राधिकरण और विकास प्राधिकरण में भी तैनाती दी गई है।
इससे स्पष्ट है कि पदोन्नत अधिकारियों की नई जिम्मेदारियां अलग-अलग प्रशासनिक संस्थानों में भी तय की गई हैं। संबंधित संस्थानों में तैनाती पाने वाले अधिकारियों को भी निर्धारित निर्देशों के अनुसार नई जिम्मेदारी ग्रहण करनी होगी।
राजस्व विभाग की ओर से पदोन्नत तहसीलदारों को नए स्थान पर तुरंत कार्यभार ग्रहण करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासनिक व्यवस्था के तहत नई तैनाती के आदेश के बाद अधिकारियों से बिना विलंब अपने नए पद पर जिम्मेदारी संभालने को कहा गया है।
कार्यभार ग्रहण करने की प्रक्रिया पूरी होने की जानकारी संबंधित जिलाधिकारियों और विभागीय स्तर पर दर्ज की जाएगी। आदेश में इस प्रक्रिया को मानव संपदा पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
नई तैनाती के आदेश में कार्यभार ग्रहण करने को लेकर स्पष्ट समयसीमा दी गई है। पदोन्नत तहसीलदारों को 25 अगस्त तक अपने नए तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करना होगा।
राजस्व विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि कोई अधिकारी निर्धारित समयसीमा तक कार्यभार ग्रहण नहीं करता है, तो उसे स्वतः कार्यमुक्त माना जाएगा। इसके अलावा, पूर्व स्थान से वेतन नहीं मिलने का निर्देश भी आदेश में शामिल है।
इस प्रावधान का उद्देश्य पदोन्नति के बाद नई तैनाती की प्रक्रिया को निर्धारित समय के भीतर पूरा कराना है। अधिकारियों को आदेश के अनुसार अपने नए स्थान पर समय से कार्यभार ग्रहण करना होगा।
नई तैनाती के आदेश के साथ संबंधित जिलाधिकारियों को भी आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश के मुताबिक, अधिकारियों की अवमुक्ति और कार्य ग्रहण से संबंधित जानकारी मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
इसका मतलब है कि अधिकारी के पुराने तैनाती स्थल से अवमुक्त होने और नए स्थान पर कार्यभार संभालने की जानकारी विभागीय अभिलेखों में दर्ज की जाएगी। मानव संपदा पोर्टल पर जानकारी अपडेट किए जाने से पदोन्नत अधिकारियों की नई तैनाती और कार्यभार ग्रहण की स्थिति दर्ज होगी।
राजस्व आयुक्त एवं सचिव कंचन वर्मा की ओर से जारी आदेश में बताया गया है कि इन अधिकारियों को नियमित चयन प्रक्रिया के जरिये नायब तहसीलदार से तहसीलदार पद पर पदोन्नत किया गया है।
इस पदोन्नति के बाद अब 332 अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। विभाग ने पदोन्नति और नई तैनाती की प्रक्रिया को आदेश के माध्यम से औपचारिक रूप से लागू किया है।
नई तैनाती अलग-अलग जिलों और कुछ प्राधिकरणों में होने के कारण संबंधित अधिकारियों को अपने वर्तमान कार्यस्थल से अवमुक्त होकर नए स्थान पर योगदान देना होगा।
नई तैनाती के आदेश में कुछ बड़े जिलों में तीन-तीन अधिकारियों को तैनात किया गया है। हालांकि, इन अधिकारियों को जिले की किस तहसील की जिम्मेदारी दी जाएगी, यह फैसला संबंधित जिलाधिकारी करेंगे।
इस व्यवस्था के तहत जिले में तैनात किए गए तहसीलदारों का तहसीलवार कार्य आवंटन बाद के प्रशासनिक स्तर पर किया जाना है। इसलिए जिला स्तर पर नई तैनाती के आदेश के बाद तहसीलवार जिम्मेदारी का निर्धारण जिलाधिकारियों की ओर से किया जाएगा।
आदेश में मानव संपदा पोर्टल पर अवमुक्ति और कार्य ग्रहण की जानकारी दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे अधिकारियों की तैनाती से संबंधित प्रशासनिक रिकॉर्ड को अद्यतन करने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी। पदोन्नति के बाद पुरानी तैनाती से कार्यमुक्ति और नई जगह कार्यभार ग्रहण, दोनों चरणों की जानकारी दर्ज किए जाने का प्रावधान रखा गया है। संबंधित जिलाधिकारियों को इस प्रक्रिया की सूचना पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।