यूपी की 36वीं राज्य स्तरीय कला प्रदर्शनी के लिए 1 अक्टूबर से आवेदन शुरू

30 Sep 2026

लखनऊ, 30 सितंबर। उत्तर प्रदेश के कलाकारों के लिए राज्य स्तर पर अपनी कला और रचनात्मक प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर सामने आया है। राज्य ललित कला अकादमी, संस्कृति विभाग की ओर से 36वीं राज्य स्तरीय कला प्रदर्शनी 2026-27 का आयोजन किया जा रहा है। प्रदर्शनी के लिए आवेदन प्रक्रिया अक्टूबर में शुरू होगी। कलाकारों को निर्धारित नियमों के तहत अपनी कृतियों के छायाचित्र भेजकर चयन प्रक्रिया में शामिल होना होगा।

36वीं राज्य स्तरीय कला प्रदर्शनी में भाग लेने के इच्छुक कलाकार 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक आवेदन कर सकेंगे। प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए 300 रुपये प्रवेश शुल्क निर्धारित किया गया है। यह शुल्क निदेशक, राज्य ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश के नाम नकद, मनीऑर्डर अथवा लखनऊ में देय बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से जमा किया जा सकता है।

कलाकारों को आवेदन अकादमी की ओर से निर्धारित प्रपत्र पर ही करना होगा। आवेदन के साथ विवरण पत्र, छायाचित्र, जीवन परिचय और पोर्ट्रेट से संबंधित आवश्यक सामग्री कलाकार स्वयं या उचित माध्यम से अकादमी के पते पर भेज सकते हैं। एक कलाकार को केवल एक ही कला विधा में भाग लेने की अनुमति होगी।

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प्रदर्शनी में चित्र, रेखांकन, ग्राफिक यानी छापा कला, मूर्ति, पोर्ट्रेट यानी व्यक्ति चित्र-मूर्ति, वॉश और पारंपरिक कला जैसी विधाओं को शामिल किया गया है। कलाकार इनमें से किसी एक विधा में अपनी कृति प्रस्तुत कर सकेंगे।

अकादमी की ओर से निर्धारित नियमों के अनुसार ही कृतियों को चयन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। आवेदन के साथ भेजे गए छायाचित्रों के आधार पर पहले चरण में कृतियों का चयन किया जाएगा। इसके बाद चयनित कृतियों में से पुरस्कार के लिए कृतियों का चयन किया जाएगा।

प्रदर्शनी में चयनित अति विशिष्ट कृतियों के लिए 10 कलाकारों को पुरस्कार दिया जाएगा। प्रत्येक चयनित कलाकार को 25-25 हजार रुपये की राशि, प्रमाणपत्र और स्मृति चिह्न प्रदान किए जाएंगे। प्रदर्शनी में शामिल सभी कलाकारों को एक-एक निशुल्क कैटलॉग भी उपलब्ध कराया जाएगा।

प्रदर्शनी में कृतियों की निर्माण तिथि को लेकर भी स्पष्ट नियम निर्धारित किया गया है। केवल वही कृतियां स्वीकार की जाएंगी जो 1 अक्टूबर 2025 के बाद बनाई गई हैं। ऐसी कृति को प्रदर्शनी के लिए स्वीकार नहीं किया जाएगा जो पहले किसी राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में प्रदर्शित हो चुकी हो।

कलाकारों को आवेदन के साथ कृति के छायाचित्र निर्धारित प्रारूप में भेजने होंगे। अकादमी के अनुसार 5×7 इंच के दो-दो स्पष्ट रंगीन फोटो भेजना जरूरी होगा। फोटो के पीछे केवल कृति का शीर्षक, माध्यम, मूल्य और निर्माण वर्ष लिखा जाना चाहिए। निर्धारित आकार से छोटे फोटो या उनके पीछे अतिरिक्त जानकारी लिखे होने पर कृति को अस्वीकार किया जा सकता है।

प्रदर्शनी के लिए कृतियों के आकार की सीमा भी तय की गई है। चित्र का अधिकतम आकार 4×4 फीट निर्धारित किया गया है। मूर्ति का अधिकतम आकार 4×4×4 फीट और न्यूनतम आकार 2×2 फीट होना चाहिए। मूर्तियां धातु, लकड़ी, पत्थर और फाइबर ग्लास जैसे टिकाऊ पदार्थों से बनी होनी चाहिए। कलाकारों को आवेदन करते समय इन निर्धारित मानकों का ध्यान रखना होगा।

छायाचित्रों के आधार पर प्रारंभिक चयन पूरा होने के बाद अकादमी की ओर से चयनित कलाकारों को उनकी कृति भेजने के संबंध में अलग से सूचना दी जाएगी। कलाकार अपनी ओर से सीधे कृति अकादमी को नहीं भेज सकेंगे। कृति तभी भेजी जा सकेगी जब अकादमी की ओर से संबंधित कलाकार को इसके लिए आमंत्रित किया जाएगा।

यदि निर्धारित समय के भीतर चयनित कृति अकादमी तक नहीं पहुंचती है तो उसे प्रदर्शनी और कैटलॉग में शामिल नहीं किया जाएगा। चयन एवं निर्णायक समिति का निर्णय अंतिम होगा। प्रदर्शनी में शामिल सभी कृतियों पर ‘अन्तर्वस्तु 36वीं राज्य स्तरीय कला प्रदर्शनी 2026-27, लखनऊ के लिए है’ लिखना आवश्यक होगा। चयनित कृति को प्रदर्शनी समाप्त होने से पहले हटाने की अनुमति भी नहीं होगी। इससे संबंधित नियमों का पालन सभी प्रतिभागी कलाकारों को करना होगा।

प्रदर्शनी से संबंधित आवेदन और पत्राचार राज्य ललित कला अकादमी, लाल बारादरी भवन, ललित कला अकादमी मार्ग, कैसरबाग, लखनऊ-226001 के पते पर किया जा सकता है। अकादमी से दूरभाष नंबर 0522-2616033 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा आवेदन और प्रदर्शनी से संबंधित जानकारी के लिए slka_up@yahoo.com पर ईमेल भी किया जा सकता है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि प्रदेश की समृद्ध कला और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ कलाकारों को उचित मंच और प्रोत्साहन देना योगी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि राज्य ललित कला अकादमी के माध्यम से युवा, उभरते, स्थापित और वरिष्ठ कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर दिए जा रहे हैं।

जयवीर सिंह के अनुसार, 36वीं राज्य स्तरीय कला प्रदर्शनी प्रदेश के कलाकारों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा सामने लाने और राज्य स्तर पर पहचान बनाने का मंच प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले कलाकार भी कला गतिविधियों से जुड़ें और उन्हें प्रशिक्षण, प्रदर्शन, पुरस्कार तथा आर्थिक सहयोग के माध्यम से आगे बढ़ने के अवसर मिलें।