उत्तर प्रदेश में एडवेंचर टूरिज्म को नई पहचान देने की दिशा में पर्यटन विभाग ने रविवार को एक नई पहल की शुरुआत की। राजधानी लखनऊ स्थित 1090 (वीमेन पावर लाइन) चौराहे से पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने 60 बाइकर्स के पहले राइडिंग चैप्टर को हरी झंडी दिखाकर कालिंजर किला के लिए रवाना किया। इस अभियान का उद्देश्य प्रदेश के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को एडवेंचर गतिविधियों के माध्यम से देश और दुनिया के पर्यटकों तक पहुंचाना है।
यात्रा की शुरुआत के साथ ही पर्यटन विभाग ने इसे उत्तर प्रदेश में एडवेंचर टूरिज्म को संगठित रूप से बढ़ावा देने की पहल बताया। विभाग के अनुसार आगामी चरणों में प्रदेश के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में एडवेंचर टूरिज्म की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि कालिंजर किला देश की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल है और इस तरह की राइड्स के माध्यम से इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में प्रदेश के अन्य पर्यटन स्थलों पर भी इसी तरह के एडवेंचर अभियान आयोजित किए जाएंगे, ताकि पर्यटन गतिविधियों का दायरा और व्यापक हो सके।
पर्यटन विभाग के अनुसार यात्रा के दौरान अलग-अलग जिलों से भी बाइकर्स इस कारवां में शामिल होते जाएंगे। इससे यह अभियान केवल लखनऊ तक सीमित न रहकर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने वाला एडवेंचर नेटवर्क बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा। यात्रा मार्ग पर प्रशासनिक समन्वय बनाए रखने के लिए संबंधित जिलों के प्रशासन को पहले से आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
बाइकर्स की यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए पर्यटन विभाग ने सभी संबंधित जिलाधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पूरे मार्ग पर एंबुलेंस, चिकित्सा सहायता, प्रशासनिक सहयोग और विशेषज्ञ टीमों की तैनाती की गई है, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। विभाग का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पूरे अभियान की निगरानी भी की जाएगी।
पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य केवल बाइक राइड आयोजित करना नहीं है, बल्कि कालिंजर किले जैसे ऐतिहासिक स्थलों को नए तरीके से लोगों के सामने प्रस्तुत करना भी है।
उन्होंने कहा कि कर्नाटक और मुंबई जैसे राज्यों में एडवेंचर राइडिंग संस्कृति ने पर्यटन को नई दिशा दी है। उसी तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी एडवेंचर राइडिंग को पर्यटन से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि ऐतिहासिक धरोहरों तक अधिक से अधिक पर्यटक पहुंच सकें।
कार्यक्रम के दौरान पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के संबोधन में एक तथ्यात्मक त्रुटि भी सामने आई। उन्होंने कालिंजर किले को महोबा जिले में स्थित बताया, जबकि ऐतिहासिक और प्रशासनिक रूप से कालिंजर किला बांदा जिले में स्थित है।
मंत्री के इस बयान को लेकर कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों के बीच चर्चा भी रही। हालांकि इस संबंध में कार्यक्रम के दौरान कोई औपचारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया।
पर्यटन विभाग का मानना है कि एडवेंचर गतिविधियों के माध्यम से ऐतिहासिक किलों, धार्मिक स्थलों और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों तक युवाओं और बाइकिंग समुदाय की पहुंच बढ़ाई जा सकती है। इसी उद्देश्य से इस अभियान की शुरुआत कालिंजर किले से की गई है।
विभाग को उम्मीद है कि इस तरह के अभियान प्रदेश में घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय पर्यटन अर्थव्यवस्था को भी नई गति देने में सहायक होंगे।