कृषि यंत्र खरीदने वाले किसानों के लिए जरूरी खबर, 7 अक्टूबर से ऑनलाइन आवेदन

06 Oct 2026

उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए कृषि यंत्रों से जुड़ी सरकारी योजना के तहत आवेदन का मौका मिलने जा रहा है। कृषि क्षेत्र में मशीनों और उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत अनुदान देने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। कृषि विभाग की ओर से आवेदन की समयसीमा और ऑनलाइन प्रक्रिया की जानकारी जारी की गई है। इसके साथ ही अलग-अलग योजनाओं के तहत उपलब्ध कृषि यंत्रों और उपकरणों का विवरण भी दिया गया है।

उत्तर प्रदेश के किसान कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिए 7 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए किसानों को कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.agriculture.up.gov.in पर जाना होगा। वेबसाइट पर किसान कॉर्नर के अंतर्गत ‘यंत्र बुकिंग प्रारंभ’ विकल्प के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा। कृषि विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इसी प्रक्रिया के माध्यम से यंत्रों की बुकिंग और जनपदवार आवेदन किया जाएगा।

संयुक्त कृषि निदेशक (अभियंत्रण) बलराम वर्मा के अनुसार, विभिन्न कृषि योजनाओं के तहत कृषि यंत्र और कृषि रक्षा उपकरणों पर अनुदान दिया जाएगा। इनमें नेशनल मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन के तहत संचालित सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन योजना शामिल है। इस योजना के तहत 2166 कृषि यंत्रों के लिए अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन फॉर इन सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेजिड्यू के तहत 1755 कृषि यंत्रों के लिए अनुदान की व्यवस्था है। इसके साथ ही अन्य योजनाओं के तहत कृषि यंत्र और कृषि रक्षा उपकरणों के लिए भी किसान आवेदन कर सकेंगे।

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कृषि विभाग की जानकारी के अनुसार, किसान कस्टम हायरिंग सेंटर और फार्म मशीनरी बैंक के लिए भी अनुदान के लिए आवेदन कर सकेंगे। इनके लिए 10-10 लाख रुपये की व्यवस्था का उल्लेख किया गया है। कस्टम हायरिंग सेंटर और फार्म मशीनरी बैंक के माध्यम से कृषि मशीनों और उपकरणों की उपलब्धता किसानों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाती है। किसान निर्धारित प्रक्रिया के तहत इन योजनाओं से संबंधित आवेदन कर सकते हैं।

कृषि यंत्रीकरण से जुड़ी योजना में किसान ड्रोन और अन्य एकल कृषि यंत्रों को भी शामिल किया गया है। कृषि क्षेत्र में ड्रोन के उपयोग के लिए किसान इस योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं। उपलब्ध जानकारी में किसान ड्रोन सहित अन्य एकल कृषि यंत्रों पर अनुदान की व्यवस्था की गई है। हालांकि, प्रत्येक यंत्र पर मिलने वाले अनुदान की अलग-अलग राशि या प्रतिशत का विवरण दी गई जानकारी में नहीं दिया गया है। इसलिए किसान को आवेदन से पहले संबंधित योजना और यंत्र के लिए वेबसाइट पर उपलब्ध विवरण देखना होगा।

फसल अवशेष प्रबंधन के तहत भी कृषि यंत्रों पर अनुदान दिया जाएगा। विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, फसल अवशेष प्रबंधन के तहत एकल कृषि यंत्र और कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए 30 लाख रुपये की व्यवस्था है। फसल कटाई के बाद खेतों में बचे अवशेषों के प्रबंधन के लिए कृषि यंत्रों की उपलब्धता बढ़ाने से जुड़ी योजना के तहत किसान आवेदन कर सकेंगे।

कृषि यंत्र अनुदान के तहत त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम को भी शामिल किया गया है। इस योजना के तहत मेज सेलर के लिए आवेदन किया जा सकेगा। मक्का उत्पादन से जुड़े किसानों के लिए यह उपकरण योजना के तहत उपलब्ध कराया जाएगा।

किसानों को कृषि रक्षा उपकरणों के लिए भी अनुदान का विकल्प दिया गया है। कीट रोग नियंत्रण योजना के तहत कृषि रक्षा यंत्रों को शामिल किया गया है। किसान निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार इन उपकरणों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। कृषि रक्षा उपकरणों का उपयोग फसलों को कीट और रोग से बचाने से जुड़े कृषि कार्यों में किया जाता है।

कृषि विभाग की ओर से सीडीपी योजना के तहत भी कृषि यंत्रों के लिए अनुदान की जानकारी दी गई है। किसान इस योजना के तहत उपलब्ध कृषि यंत्रों के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। योजना और यंत्र से संबंधित विस्तृत जानकारी कृषि विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी।

कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिए आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है। किसानों को सबसे पहले कृषि विभाग की वेबसाइट पर जाना होगा www.agriculture.up.gov.in  इसके बाद किसान कॉर्नर में जाकर ‘यंत्र बुकिंग प्रारंभ’ विकल्प पर क्लिक करना होगा। इसके माध्यम से किसान ऑनलाइन आवेदन और यंत्र बुकिंग की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। वेबसाइट पर यंत्रों की उपलब्धता, आवेदन से संबंधित जानकारी और अनुदान प्रक्रिया से जुड़ा विवरण भी प्राप्त किया जा सकता है।

कृषि विभाग के अनुसार यंत्रों की बुकिंग और आवेदन जनपदवार किया जाएगा। इसका मतलब है कि किसान अपने संबंधित जिले के अनुसार उपलब्ध यंत्रों और योजना की जानकारी देख सकेंगे। आवेदन करने से पहले किसानों के लिए यह देखना जरूरी होगा कि उनके जिले में कौन से यंत्र और किस योजना के तहत उपलब्ध हैं। विभाग की ओर से उपलब्ध कराई गई ऑनलाइन व्यवस्था में यंत्र बुकिंग और आवेदन से जुड़ी जानकारी उपलब्ध होगी।