बलिया से वाराणसी तक अंबेडकर प्रतिमा के मामले, अखिलेश ने जारी किए जिलावार आंकड़े

20 Sep 2026

लखनऊ | समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाए जाने को लेकर एक आंतरिक रिपोर्ट के आंकड़े जारी किए हैं। अखिलेश यादव के मुताबिक, पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से 72 जिलों में किए गए सर्वे में अंबेडकर की 151 प्रतिमाओं को खंडित किए जाने के मामले सामने आए हैं।

अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि इन मामलों में पुलिस कार्रवाई की स्थिति अलग-अलग रही। उनके मुताबिक, 151 मामलों में 45 मामलों में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया, जबकि 8 मामलों में नामजद एफआईआर दर्ज हुई। उन्होंने यह भी दावा किया कि 14 मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। सपा अध्यक्ष के अनुसार, 84 मामलों में किसी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इन आंकड़ों की स्वतंत्र सरकारी पुष्टि का विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए इन आंकड़ों को सपा की आंतरिक रिपोर्ट के दावे के रूप में देखा जा रहा है।

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अखिलेश यादव ने बताया कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में सर्वे किया। इसी सर्वे के आधार पर पार्टी ने अपनी आंतरिक रिपोर्ट तैयार की है। उनके मुताबिक, सर्वे में कुल 72 जिले शामिल किए गए। रिपोर्ट में अंबेडकर की प्रतिमाओं को खंडित किए जाने या नुकसान पहुंचाए जाने से संबंधित 151 मामलों का दावा किया गया है। अखिलेश यादव ने यह भी बताया कि सर्वे में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के जिले शामिल हैं। इसमें मुख्यमंत्री के गृह जिले गोरखपुर और प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से जुड़े मामले भी बताए गए हैं।

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सपा की ओर से जारी बताए गए आंकड़ों में बलिया में अंबेडकर की प्रतिमा से जुड़े सबसे ज्यादा मामले होने का दावा किया गया है। अखिलेश यादव के मुताबिक, बलिया में ऐसे 9 मामले दर्ज हुए। इसके बाद आजमगढ़ में 6 मामले और मथुरा में 5 मामले होने की बात कही गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, वाराणसी में 4 मुकदमे दर्ज होने का दावा किया गया है, जबकि गोरखपुर में 2 मामले बताए गए हैं। इन आंकड़ों के अनुसार, अलग-अलग जिलों में दर्ज मामलों की संख्या एक जैसी नहीं है। सपा का दावा है कि सर्वे के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर इन मामलों को संकलित किया। अखिलेश यादव द्वारा बताए गए आंकड़ों में पुलिस कार्रवाई से संबंधित स्थिति भी शामिल है। सपा अध्यक्ष के मुताबिक:

ये आंकड़े अखिलेश यादव द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताए गए सपा के आंतरिक सर्वे पर आधारित हैं।

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अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर राज्य की भाजपा सरकार पर भी आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमाओं को सबसे ज्यादा निशाना बनाया गया। अखिलेश यादव ने प्रतिमाओं में संविधान की पुस्तक का उल्लेख करते हुए कहा कि इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। यह बयान उनके राजनीतिक आरोप के रूप में सामने आया है। इस दावे के समर्थन में उन्होंने पार्टी की ओर से किए गए सर्वे के आंकड़ों का हवाला दिया।

अखिलेश यादव द्वारा बताई गई जानकारी में कई जिलों का उल्लेख हुआ। इनमें सबसे अधिक मामलों के लिए बलिया का नाम सामने आया। सपा की रिपोर्ट के मुताबिक: बलिया — 9 मामले, आजमगढ़ — 6 मामले, मथुरा — 5 मामले, वाराणसी — 4 मामले, गोरखपुर — 2 मामले, ये आंकड़े सपा के आंतरिक सर्वे के आधार पर बताए गए हैं। उपलब्ध जानकारी में अन्य सभी 72 जिलों के लिए अलग-अलग आंकड़े जारी नहीं किए गए हैं।

अखिलेश यादव की ओर से बताए गए आंकड़ों में एफआईआर और गिरफ्तारी के बीच अंतर भी सामने आता है। सपा के मुताबिक, 151 मामलों में 45 में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। वहीं 8 मामलों में नामजद एफआईआर दर्ज होने की बात कही गई। इस तरह पार्टी की ओर से कुल 53 मामलों में एफआईआर दर्ज किए जाने का दावा किया गया। इसके अलावा 14 मामलों में गिरफ्तारी होने की बात कही गई है। सपा अध्यक्ष ने यह भी दावा किया कि 84 मामलों में किसी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई।

अखिलेश यादव ने अपने बयान में प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी और मुख्यमंत्री के गृह जिले गोरखपुर का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, वाराणसी में 4 मुकदमे और गोरखपुर में 2 मामले दर्ज होने की बात सामने आई है। इन जिलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने अपनी पार्टी के सर्वे के आंकड़ों को राज्य में अंबेडकर प्रतिमाओं से जुड़े मामलों के व्यापक आकलन के रूप में पेश किया।