UP Cabinet: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोकभवन में हुई कैबिनेट बैठक में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को लेकर फैसला लिया गया। प्रदेश में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को 1 अतिरिक्त साड़ी उपलब्ध कराई जाएगी। इस फैसले से प्रदेश के कुल 3,80,290 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को लाभ मिलेगा। प्रदेश सरकार इस पर करीब 19.02 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
प्रदेश में 1,90,145 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए 1,90,145 कार्यकर्ताओं और 1,90,145 सहायिकाओं के पद स्वीकृत हैं। इस तरह कुल 3,80,290 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को अतिरिक्त साड़ी उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि ग्रामीण और मैदानी क्षेत्रों में कार्यरत कर्मियों को निर्धारित वर्दी के नियमित उपयोग, धुलाई और आकस्मिक परिस्थितियों में साड़ी के गंदा या खराब हो जाने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त साड़ी उपलब्ध कराने का फैसला लिया गया है। प्रति साड़ी 500 रुपये की दर से राज्य सरकार पर कुल 19,01,45,000 रुपये का अनुमानित वित्तीय भार आएगा, जो लगभग 19.02 करोड़ रुपये है।
केंद्र सरकार की केंद्र प्रायोजित योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर छह वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं और 14 से 18 वर्ष तक की किशोरी बालिकाओं को अनुपूरक पोषाहार उपलब्ध कराया जाता है। इन सेवाओं को प्रभावी ढंग से संचालित करने में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वर्तमान व्यवस्था के तहत सामान्य योजना में केंद्र और राज्यांश के 60:40 अनुपात में प्रतिवर्ष दो साड़ियां उपलब्ध कराई जाती हैं। अब इसके अतिरिक्त एक साड़ी और दी जाएगी।