यूपी चुनाव 2027 से पहले संजय सिंह ने अखिलेश यादव से की मुलाकात, गठबंधन पर चर्चा

23 Aug 2026

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राज्य की राजनीति में संभावित चुनावी समीकरणों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने रविवार को लखनऊ में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की। यह बैठक समाजवादी पार्टी के मुख्यालय में हुई, जहां दोनों नेताओं के बीच करीब दोपहर एक बजे बातचीत हुई।

मुलाकात के बाद आम आदमी पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच संभावित चुनावी गठबंधन को लेकर राजनीतिक चर्चाएं बढ़ गई हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, बैठक में उत्तर प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चा हुई। संभावित गठजोड़ और सीटों के बंटवारे को लेकर भी बातचीत की खबर है। हालांकि, दोनों दलों की ओर से अब तक गठबंधन या सीटों के बंटवारे को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

संजय सिंह रविवार को लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के मुख्यालय पहुंचे। इसके बाद उनकी अखिलेश यादव के साथ बैठक हुई। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए राजनीतिक दल अपनी तैयारियों और संभावित गठबंधन समीकरणों पर काम कर रहे हैं।

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बैठक के एजेंडे की पूरी आधिकारिक जानकारी दोनों दलों की ओर से सार्वजनिक नहीं की गई है। हालांकि, रिपोर्टों के अनुसार उत्तर प्रदेश की राजनीतिक स्थिति और आगामी विधानसभा चुनाव से जुड़े विषय बातचीत का हिस्सा रहे। संभावित आप-सपा गठजोड़ को लेकर भी चर्चा होने की बात सामने आई है।

मुलाकात के बाद सबसे ज्यादा चर्चा आम आदमी पार्टी और समाजवादी पार्टी के संभावित गठबंधन को लेकर हो रही है। सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश में 15 से 20 सीटों की मांग कर सकती है।

हालांकि, इस संख्या को लेकर दोनों पार्टियों की ओर से कोई औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसी तरह, चुनावी गठबंधन होगा या नहीं, किन सीटों पर दोनों दल एक साथ चुनाव लड़ेंगे और सीटों का अंतिम बंटवारा किस आधार पर होगा, इन सभी मुद्दों पर अभी कोई आधिकारिक फैसला सार्वजनिक नहीं किया गया है।

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इसलिए फिलहाल संजय सिंह और अखिलेश यादव की बैठक को संभावित चुनावी समन्वय के संदर्भ में देखा जा रहा है, लेकिन इसे गठबंधन की अंतिम घोषणा नहीं माना जा सकता। एबीपी और अन्य रविवार की रिपोर्टों में भी गठबंधन को लेकर चर्चा और अटकलों का उल्लेख है, जबकि किसी औपचारिक समझौते की घोषणा नहीं हुई है।

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं। चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के बीच संपर्क और संभावित गठबंधन को लेकर गतिविधियां बढ़ रही हैं। ऐसे में संजय सिंह और अखिलेश यादव की मुलाकात को दोनों दलों के बीच बातचीत के संदर्भ में देखा जा रहा है।

समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों में शामिल है, जबकि आम आदमी पार्टी राज्य में अपनी राजनीतिक मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश करती रही है। दोनों दलों के बीच पहले भी राजनीतिक स्तर पर संपर्क और मुलाकातें हो चुकी हैं।

जून 2024 में भी संजय सिंह ने अखिलेश यादव से मुलाकात की थी। उस समय उन्होंने उत्तर प्रदेश में इंडिया गठबंधन की जीत का जिक्र करते हुए संविधान और आरक्षण के मुद्दों पर साथ काम करने की बात कही थी।

हालांकि, 2026 में हुई मौजूदा बैठक का संदर्भ 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। इस कारण इस मुलाकात के बाद संभावित चुनावी तालमेल को लेकर चर्चा अधिक प्रमुख हो गई है। संभावित गठबंधन की चर्चा के बीच सीट बंटवारा सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक हो सकता है, लेकिन इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

सूत्रों के हवाले से आम आदमी पार्टी के लिए 15 से 20 सीटों की मांग की बात कही जा रही है। यह मांग अंतिम सीट समझौते का प्रमाण नहीं है। किसी भी संभावित गठबंधन की स्थिति में किन सीटों पर कौन-सा दल उम्मीदवार उतारेगा, इसका फैसला संबंधित दलों की औपचारिक बातचीत और सहमति के बाद ही स्पष्ट होगा।

मौजूदा स्थिति में यह कहना जल्दबाजी होगी कि दोनों दल निश्चित रूप से साथ चुनाव लड़ेंगे। फिलहाल सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी संजय सिंह और अखिलेश यादव की बैठक तथा संभावित चुनावी समन्वय को लेकर चल रही चर्चाओं तक सीमित है।

अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद संजय सिंह ने प्रेस वार्ता भी की। इसमें उन्होंने उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे उठाए। संजय सिंह ने जौनपुर के पांच विद्यालयों के खाली और गायब होने का मामला उठाया। उन्होंने पांच में से एक स्कूल खोजकर लाने की चुनौती भी दी। संजय सिंह ने कहा, “एक लाख रुपया स्कूल खोजकर लाने वाले को तनख्वाह से दूंगा।”

यह बयान उनके द्वारा शिक्षा व्यवस्था को लेकर उठाए गए सवालों के संदर्भ में सामने आया। हालांकि, जिन पांच विद्यालयों का उल्लेख किया गया, उनकी स्थिति और संबंधित सरकारी रिकॉर्ड पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया इस जानकारी में उपलब्ध नहीं है।

जौनपुर में स्कूलों से जुड़े मुद्दों को लेकर पहले भी शिक्षा विभाग की कार्रवाई सामने आती रही है। जून 2026 में जिले के 10 माध्यमिक विद्यालयों की मान्यता समाप्त किए जाने की खबर सामने आई थी। इनमें लगातार दो वर्षों तक परीक्षा में एक भी विद्यार्थी के शामिल नहीं होने और कक्षा संचालन नहीं होने का उल्लेख किया गया था।

उत्तर प्रदेश में सरकारी और माध्यमिक विद्यालयों से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर विभिन्न जिलों से समय-समय पर निरीक्षण, शिक्षक उपस्थिति और विद्यालय संचालन संबंधी खबरें सामने आती रही हैं।

हाल के दिनों में भी प्रदेश के अलग-अलग जिलों में विद्यालयों के निरीक्षण और शिक्षकों की अनुपस्थिति को लेकर कार्रवाई की खबरें प्रकाशित हुई हैं। उदाहरण के तौर पर शाहजहांपुर में अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की अनुपस्थिति दर्ज की गई और स्पष्टीकरण मांगा गया।

इसी संदर्भ में संजय सिंह ने जौनपुर के पांच विद्यालयों को लेकर सवाल उठाया है। हालांकि, उनके द्वारा बताए गए पांच विद्यालयों की स्थिति और प्रशासन की ओर से इस दावे पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

संजय सिंह और अखिलेश यादव की बैठक के बाद आप और सपा के संभावित गठबंधन को लेकर चर्चाएं तेज हैं, लेकिन दोनों दलों ने अभी तक चुनावी गठबंधन की औपचारिक घोषणा नहीं की है।

इसी तरह, सीट बंटवारे के बारे में भी आधिकारिक संख्या सामने नहीं आई है। सूत्रों के हवाले से 15 से 20 सीटों की मांग की जानकारी सामने आई है, लेकिन यह अभी बातचीत के स्तर की खबर है।

ऐसे में फिलहाल इस बैठक से यह स्पष्ट है कि दोनों नेताओं के बीच उत्तर प्रदेश की मौजूदा राजनीति और आगामी विधानसभा चुनाव से जुड़े विषयों पर बातचीत हुई। संभावित चुनावी गठबंधन और सीटों के बंटवारे पर अंतिम तस्वीर आगे होने वाली आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।