यूपी में साफ हवा के लिए बड़ा समझौता, विश्व बैंक देगा करीब 300 मिलियन डॉलर की मदद

17 Mar 2026

उत्तर प्रदेश में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए विश्व बैंक, भारत सरकार और राज्य सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। इस एमओयू के तहत ‘यूपी क्लीन एयर मैनेजमेंट प्रोग्राम’ के लिए 299.66 मिलियन अमेरिकी डॉलर की सहायता प्रदान की जाएगी।

 

आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस कार्यक्रम का उद्देश्य परिवहन, कृषि और उद्योग जैसे प्रमुख क्षेत्रों में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए एकीकृत समाधान लागू करना है। इसका प्रभाव न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि आसपास के राज्यों पर भी पड़ेगा।

 

समझौते पर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से स्वच्छ वायु प्रबंधन प्राधिकरण की सीईओ एवं सचिव बी. चंद्रकला, भारत सरकार की ओर से आर्थिक मामलों के विभाग की संयुक्त सचिव जूही मुखर्जी और विश्व बैंक की ओर से कार्यवाहक कंट्री डायरेक्टर पॉल प्रोसी ने हस्ताक्षर किए।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आर्थिक विकास और पर्यावरणीय संतुलन साथ-साथ चलने चाहिए। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम स्वच्छ वातावरण और सतत विकास को बढ़ावा देगा।

 

विश्व बैंक के अनुसार इस पहल से परिवहन और एमएसएमई क्षेत्रों में लगभग 150 मिलियन डॉलर की निजी पूंजी आकर्षित होने की संभावना है। इसके तहत इलेक्ट्रिक बसों और तीन-पहिया वाहनों में निवेश, उद्योगों में उत्सर्जन निगरानी और स्वच्छ तकनीकों को बढ़ावा दिया जाएगा।

 

इसके अलावा कार्यक्रम के तहत 3.9 मिलियन घरों को स्वच्छ खाना पकाने की सुविधा और 700 से अधिक ईंट भट्ठों को उन्नत तकनीक अपनाने में सहायता दी जाएगी। यह कार्यक्रम इंडो-गंगा मैदान क्षेत्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन पहल का हिस्सा है, जिसकी अवधि 10 वर्ष निर्धारित की गई है।