>उत्तर प्रदेश में कोडीन आधारित दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई तेज कर दी गई है। राज्यभर में 128 फर्मों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जिससे अवैध बिक्री और वितरण पर नकेल कसने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है।
>सूत्रों के अनुसार, कोडीन युक्त सीरप की अनियंत्रित बिक्री और दुरुपयोग की शिकायतों के बाद यूपी सरकार ने इसकी बिक्री पर रोक लगाने का आदेश जारी किया था। इसके बाद विभिन्न जिलों में संयुक्त टीमें निरीक्षण कर रही हैं। जांच के दौरान कई ऐसी फर्मों की पहचान हुई, जिन पर नियमों के उल्लंघन और अनुचित बिक्री के आरोप पाए गए। इन मामलों में कुल 128 फर्मों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
>सरकार ने कोडीन से जुड़े अवैध क्रय-विक्रय की जानकारी साझा करने के लिए मोबाइल नंबर 8756128434 जारी किया है। कोई भी व्यक्ति गुमनाम रूप से इस नंबर पर विवरण भेज सकता है, जिसे आगे जांच के लिए संबंधित अधिकारीयों को भेजा जाएगा। प्रदेश के कई जिलों लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, गोरखपुर, मेरठ, वाराणसी सहित अन्य स्थानों से भी एफआईआर दर्ज होने की जानकारी मिली है। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमें आगे भी जांच जारी रखेंगी।