यूपी ने किया कमाल, ₹37,000 करोड़ रेवेन्यू सरप्लस के साथ बने देश में नंबर वन

23 Sep 2025


>उत्तर प्रदेश ने आर्थिक मोर्चे पर एक बार फिर अपनी ताकत दिखाई है। भारत के महालेखाकार (CAG) की हालिया रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश को ₹37,000 करोड़ के रेवेन्यू सरप्लस के साथ रेवेन्यू सरप्लस वाले राज्यों में देश का नंबर वन राज्य घोषित किया गया है। गुजरात ₹19,856 करोड़ के सरप्लस के साथ दूसरे स्थान पर है। यह सफलता योगी सरकार के सतत विकास और पारदर्शी नीतियों का प्रमाण है।


>CAG की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में कुल 16 राज्य ऐसे हैं, जिनकी आय उनके खर्च से अधिक है। उत्तर प्रदेश ने अपनी दोगुनी रफ्तार वाली आर्थिक वृद्धि से अन्य राज्यों के लिए मिसाल कायम की है।

योगी सरकार के 2017 से अब तक के कार्यकाल में प्रदेश ने टैक्स कलेक्शन, बजट और जीएसडीपी के क्षेत्र में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की है। उदाहरण के लिए:

पहले बीमारू राज्य कहे जाने वाले उत्तर प्रदेश ने अब आर्थिक मजबूती और सतत विकास की नई पहचान बनाई है।

CAG रिपोर्ट में अन्य प्रमुख अधिशेष वाले राज्यों की स्थिति इस प्रकार है:

पूर्वोत्तर के अरुणाचल, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम भी रेवेन्यू सरप्लस वाले राज्यों में शामिल हैं। इन 16 अधिशेष राज्यों में से कम से कम 10 पर भाजपा का शासन है।

राजस्व घाटे वाले राज्य

रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि देश के 12 राज्य अभी भी राजस्व घाटे से जूझ रहे हैं, जिनमें प्रमुख हैं: आंध्र प्रदेश (-₹43,488 करोड़), तमिलनाडु (-₹36,215 करोड़), राजस्थान (-₹31,491 करोड़), पश्चिम बंगाल (-₹27,295 करोड़) और पंजाब (-₹26,045 करोड़)।

उत्तर प्रदेश ने अब सिर्फ जनसंख्या या क्षेत्रफल में ही नहीं, बल्कि आर्थिक मजबूती में भी देश में अग्रणी राज्य बनने का प्रमाण प्रस्तुत किया है। यह उपलब्धि योगी सरकार की नीतियों, निवेश प्रोत्साहन और विकास परियोजनाओं का प्रत्यक्ष परिणाम है।