क्या मायावती संग फिर जुड़ेंगे स्वामी प्रसाद मौर्या?

26 Aug 2025


>उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल एक बार फिर तेज हो गई है। 2027 विधानसभा चुनाव में अभी डेढ़ साल का वक्त बाकी है, लेकिन राजनीतिक समीकरण और संभावित गठबंधन की चर्चाएं जोर पकड़ चुकी हैं। इस बीच यूपी की राजनीति का चर्चित चेहरा और पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या ने बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने नए सियासी समीकरणों की ओर इशारा कर दिया है।


>बस्ती मंडल में लोक मोर्चा के बैनर तले आयोजित सम्मेलन में स्वामी प्रसाद मौर्या ने साफ कहा कि यदि मायावती बाबा साहब भीमराव अंबेडकर और कांशीराम के मिशन पर वापस लौट आती हैं, तो वह खुशी-खुशी उनके साथ काम करने को तैयार हैं।


>बीएसपी छोड़ने की वजह और नए संकेत


>स्वामी प्रसाद मौर्या ने इस सम्मेलन में कहा कि उन्होंने बीएसपी इसलिए छोड़ी थी क्योंकि मायावती ने सामाजिक परिवर्तन आंदोलन से किनारा कर लिया था। उन्होंने साफ शब्दों में कहा - "अगर बहनजी पुराने मिशन पर लौट आती हैं, तो हम सब मिलकर सामाजिक न्याय और परिवर्तन की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं।"


>लोक मोर्चा का शक्ति प्रदर्शन


>हाल ही में बस्ती मंडल में हुए लोक मोर्चा सम्मेलन में 10 राजनीतिक दलों ने ताकत का प्रदर्शन किया। हजारों की भीड़ ने साफ कर दिया कि यूपी में आने वाले चुनावी रण का समीकरण बेहद दिलचस्प होने वाला है।


>स्वामी प्रसाद मौर्या, जो कभी मायावती के भरोसेमंद सिपहसालार रहे, 2022 चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी में शामिल हुए थे। हालांकि, सपा में उन्हें उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने अपनी अलग पार्टी बनाकर छोटे-छोटे दलों को साथ लाने की कवायद शुरू की और लोक मोर्चा का गठन किया।