उत्तर प्रदेश में किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बार फिर कृषि क्षेत्र की प्राथमिकताओं की समीक्षा की है। इसी क्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने मंगलवार को विधान भवन स्थित समिति कक्ष में कृषक समृद्धि आयोग के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर खेती से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में किसानों की लागत कम करने, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग, भंडारण सुविधाओं के विस्तार और मूल्य समर्थन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषयों पर मंथन हुआ।
बैठक के दौरान कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों की समृद्धि और खुशहाली राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कृषक समृद्धि आयोग की ओर से दिए गए व्यवहारिक सुझावों का अध्ययन कर उन्हें कार्ययोजना के माध्यम से धरातल पर उतारा जाए, ताकि किसानों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।
बैठक में विभिन्न जनपदों से आए कृषक समृद्धि आयोग के सदस्यों ने खेती से जुड़े कई व्यावहारिक सुझाव रखे। चर्चा के दौरान मॉडल कृषि, प्राकृतिक खेती, जैविक खाद के उपयोग, भूमि की उर्वरता बढ़ाने, सिंचाई व्यवस्था, पशुपालन, फसल विविधीकरण, खाद्य प्रसंस्करण और भंडारण सुविधाओं को मजबूत करने जैसे विषय प्रमुख रहे।
सदस्यों ने कहा कि प्राकृतिक खेती को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए किसानों को आवश्यक संसाधन और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाना चाहिए। इसके साथ ही जैविक खाद के उत्पादन और उपयोग के लिए मजबूत व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में किसानों को उपलब्ध कराए जा रहे आधुनिक कृषि उपकरणों के रखरखाव का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। आयोग के सदस्यों ने सुझाव दिया कि ट्रैक्टर के अलावा अन्य कृषि यंत्रों की मरम्मत और रखरखाव के लिए स्थानीय स्तर पर सर्विस सेंटर विकसित किए जाएं, ताकि किसानों को उपकरणों की खराबी के कारण खेती के कार्यों में अनावश्यक बाधा का सामना न करना पड़े।
इसके अलावा ड्रिप सिंचाई जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने, खेती की लागत कम करने और स्थानीय स्तर पर कृषि मंडियों को अधिक सशक्त बनाने पर भी चर्चा हुई। बैठक में कृषि विपणन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए डिजिटल माध्यमों के उपयोग पर भी विचार-विमर्श किया गया।
कृषि मंत्री ने बैठक के बाद विभागीय अधिकारियों के साथ मूल्य समर्थन योजना की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप अधिक से अधिक किसानों से खरीद सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके लिए सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य करें।
बैठक के दौरान एचसीएल फाउंडेशन ने कृषि विभाग के सहयोग से किसानों के विकास के लिए संचालित कार्यक्रमों का प्रस्तुतीकरण भी किया। फाउंडेशन की ओर से कृषि क्षेत्र में अपनाए गए विभिन्न मॉडल और उनके अनुभव साझा किए गए।
कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों के हित में किए जा रहे प्रभावी कार्यों में कृषि विभाग आवश्यक सहयोग प्रदान करेगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से ऐसे मॉडलों का अध्ययन कर उपयोगी पहलुओं पर आगे कार्य करने को भी कहा।
बैठक में कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता, प्रमुख सचिव कृषि रविंद्र, प्रमुख सचिव सहकारिता अजय कुमार शुक्ला, सचिव कृषि इंद्र विक्रम सिंह, आयुक्त सहकारिता योगेश कुमार, निदेशक कृषि पंकज त्रिपाठी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और कृषक समृद्धि आयोग के सदस्य उपस्थित रहे।