उत्तर प्रदेश में किसानों की डिजिटल पहचान बनाने के लिए चल रहे फार्मर रजिस्ट्री अभियान ने नया पड़ाव हासिल कर लिया है। प्रदेश में अब तक 2,38,72,418 किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है, जबकि गाजियाबाद और रामपुर ऐसे जिले बन गए हैं, जहां फार्मर रजिस्ट्री का कार्य 100 प्रतिशत पूरा हो चुका है। राज्य सरकार के अनुसार यह संख्या प्रदेश के लिए निर्धारित कुल लक्ष्य का 82.69 प्रतिशत है।
केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के लिए 2,88,70,495 किसानों के पंजीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया है। मौजूदा प्रगति के अनुसार अभी करीब 49.98 लाख किसानों का पंजीकरण शेष है। सरकार ने अभियान को अगले 90 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य तय किया है और इसके लिए 26 सितंबर 2026 की समयसीमा निर्धारित की गई है।
फार्मर रजिस्ट्री अभियान के दौरान गाजियाबाद और रामपुर ने निर्धारित लक्ष्य हासिल करते हुए सभी पात्र किसानों का पंजीकरण पूरा कर लिया है। इन दोनों जिलों की उपलब्धि के बाद अन्य जिलों में भी अभियान की गति बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
सरकार ने जिला प्रशासन, राजस्व विभाग, कृषि विभाग और स्थानीय स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शेष किसानों का पंजीकरण तय समयसीमा के भीतर पूरा कराया जाए।
फार्मर रजिस्ट्री किसानों का एक डिजिटल डेटाबेस तैयार करने की प्रक्रिया है। इसके तहत किसान की पहचान, भूमि संबंधी जानकारी और अन्य आवश्यक विवरणों को एकीकृत डिजिटल रिकॉर्ड के रूप में दर्ज किया जाता है। इसका उद्देश्य सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान को अधिक सटीक बनाना और पात्र किसानों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचाना है।
फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, कृषि अनुदान, कृषि ऋण और अन्य सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही कृषि योजनाओं की निगरानी और डेटा आधारित नीति निर्माण में भी यह रिकॉर्ड उपयोगी माना जा रहा है।
फार्मर रजिस्ट्री के साथ-साथ प्रदेश में भूमि रिकॉर्ड से जुड़ा अंश निर्धारण का कार्य भी जारी है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अब तक 87.53 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है।
भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण और अंश निर्धारण की प्रक्रिया पूरी होने से रिकॉर्ड की शुद्धता बढ़ाने और भविष्य में भूमि संबंधी विवादों को कम करने में मदद मिलने की संभावना है।
प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री अभियान की शुरुआत 5 नवंबर 2024 को की गई थी। इसके बाद विभिन्न विभागों के समन्वय से अभियान को मिशन मोड में आगे बढ़ाया गया। वर्तमान में सरकार का फोकस शेष किसानों का पंजीकरण पूरा करने और एकीकृत डिजिटल कृषि डेटाबेस तैयार करने पर है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार लक्ष्य का करीब 17 प्रतिशत कार्य अभी बाकी है। सरकार ने संबंधित विभागों और जिला प्रशासन को अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं, ताकि 26 सितंबर 2026 तक सभी पात्र किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूरी की जा सके।