यूपी कैबिनेट का फैसला: 5 जिलों में नई जेलें बनेंगी, 3031 बंदियों की बढ़ेगी क्षमता

03 Jun 2026

 

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य की जेल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पांच जिलों में नई जेलों के निर्माण को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कानपुर नगर, मुरादाबाद, ललितपुर, औरैया तथा भदोही में नई जेलें बनाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद राज्य में 3031 बंदियों को रखने की अतिरिक्त क्षमता विकसित होगी।

 

सरकार के अनुसार कई जिलों की मौजूदा जेलों में बंदियों की संख्या निर्धारित क्षमता से काफी अधिक रही है। इसी को देखते हुए नई जेलों के निर्माण का निर्णय लिया गया है। नई जेलों को जिला मुख्यालयों से कुछ दूरी पर विकसित किया जाएगा ताकि भविष्य में विस्तार की संभावना भी बनी रहे।

 

जेल मंत्री दारा सिंह चौहान ने बताया कि मुरादाबाद की वर्तमान जेल की क्षमता 906 बंदियों की है, जबकि पिछले वर्षों में यहां क्षमता से कई गुना अधिक बंदियों को रखा गया। सिरसखेड़ा में प्रस्तावित नई जेल 97.15 एकड़ भूमि पर बनाई जाएगी। इसकी क्षमता 2000 बंदियों की होगी और निर्माण पर 386.91 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

 

कानपुर नगर की मौजूदा जेल की क्षमता 1245 बंदियों की है। पिछले वर्षों में यहां भी क्षमता से अधिक बंदियों को रखा गया। नई जेल नरवल तहसील क्षेत्र में सरसौल और हाथीगांव के पास लगभग 120.85 एकड़ भूमि पर बनाई जाएगी। इसकी क्षमता 2030 बंदियों की होगी। परियोजना की अनुमानित लागत 384.05 करोड़ रुपये तय की गई है।

 

औरैया जिले में अभी तक जिला जेल नहीं है। यहां के बंदियों को इटावा जेल में रखा जाता है, जिससे इटावा जेल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। नई जेल गांव शेरपुर सरैया में 60.07 एकड़ भूमि पर बनाई जाएगी। इसकी क्षमता 1056 बंदियों की होगी और निर्माण पर 264.96 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

 

ललितपुर की वर्तमान जेल की क्षमता 257 बंदियों की है। नई जेल बुढवार क्षेत्र में 100 एकड़ भूमि पर बनाई जाएगी। इसकी क्षमता 552 बंदियों की होगी। निर्माण पर 225.06 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।

 

भदोही जिले के मुंशीलाटपुर गांव में नई जेल बनाई जाएगी। इसकी क्षमता 574 बंदियों की होगी। वर्तमान जेल की क्षमता 163 बंदियों की है, जबकि वास्तविक बंदी संख्या कई वर्षों से इससे कहीं अधिक रही है। नई परियोजना पर 209.18 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

 

कैबिनेट बैठक में जेलों में बंदियों की अप्राकृतिक मृत्यु के मामलों में मुआवजा भुगतान को पारदर्शी बनाने के लिए नई नीति को भी मंजूरी दी गई। अब "उत्तर प्रदेश बंदी मृत्यु एवं मुआवजा भुगतान नीति" के तहत आश्रितों को मुआवजा प्रदान किया जाएगा। जेल मंत्री ने बताया कि इस संबंध में उच्चतम न्यायालय और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की ओर से भी दिशा-निर्देश जारी किए गए थे।