यूपी को मिले 12 नए IPS अधिकारी, 2024 बैच का कैडर आवंटन पूरा, चार अधिकारियों को मिला गृह राज्य

01 Jun 2026

उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में राज्य को आईपीएस के 12 नए अधिकारी मिलने जा रहे हैं। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2024 के आधार पर चयनित आईपीएस अधिकारियों का कैडर आवंटन गृह मंत्रालय द्वारा अंतिम रूप से जारी कर दिया गया है। देशभर में चयनित 144 आईपीएस अधिकारियों में से 12 अधिकारियों को उत्तर प्रदेश कैडर आवंटित किया गया है।

 

कैडर आवंटन की प्रक्रिया लंबे समय से लंबित थी। गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के साथ अब सभी चयनित आईपीएस अधिकारियों को उनके संबंधित राज्य कैडर आवंटित कर दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश के लिए निर्धारित 12 पदों को भी इस आवंटन के जरिए भर दिया गया है। राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में कानून-व्यवस्था शीर्ष स्थान पर रही है। ऐसे में नए अधिकारियों की तैनाती से पुलिस प्रशासन को अतिरिक्त मजबूती मिलने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा पुलिस बल रखने वाला राज्य है, जहां प्रशासनिक और कानून-व्यवस्था संबंधी चुनौतियां भी व्यापक हैं।

 

सिविल सेवा परीक्षा 2024 में उत्तर प्रदेश के कुल 32 अभ्यर्थियों का चयन भारतीय पुलिस सेवा के लिए हुआ था। हालांकि कैडर आवंटन नीति के तहत इनमें से अधिकांश अधिकारियों को अन्य राज्यों का कैडर मिला है। केवल चार अधिकारियों को ही उनका गृह राज्य उत्तर प्रदेश कैडर आवंटित किया गया है।

 

उत्तर प्रदेश कैडर के लिए चयनित अधिकारियों की सूची इस प्रकार है—

  1. वैभव सिंह (हिमाचल प्रदेश) – सामान्य वर्ग
  2. प्रणय मित्तल (उत्तर प्रदेश) – सामान्य वर्ग
  3. अभिषेक अंजनी सिंह (गुजरात) – सामान्य वर्ग
  4. उत्कर्ष पाठक (उत्तर प्रदेश) – सामान्य वर्ग
  5. कशिश कालरा (दिल्ली) – सामान्य वर्ग
  6. आदित्य आचार्य (राजस्थान) – सामान्य वर्ग
  7. भरत दत्त तिवारी (उत्तराखंड) – सामान्य वर्ग
  8. कुणाल कुमार (उत्तर प्रदेश) – ओबीसी
  9. कुणाल यादव (उत्तराखंड) – ओबीसी
  10. अक्षत मांडिवाल (राजस्थान) – ओबीसी
  11. आर्येन्द्र कुमार (उत्तर प्रदेश) – अनुसूचित जाति
  12. डिंपी राजौरा (दिल्ली) – अनुसूचित जाति

 

 

आईपीएस अधिकारियों का कैडर आवंटन केंद्र सरकार की निर्धारित नीति के अनुसार किया जाता है, जिसमें अभ्यर्थियों की रैंक, श्रेणी और राज्यों के उपलब्ध रिक्त पदों को आधार बनाया जाता है। इसी प्रक्रिया के तहत विभिन्न राज्यों के चयनित अधिकारियों को उत्तर प्रदेश कैडर आवंटित किया गया है, जबकि उत्तर प्रदेश के कई सफल अभ्यर्थियों को अन्य राज्यों में नियुक्ति मिली है।