यूपी में भारी बारिश के बीच बढ़ी सतर्कता, नेपाल सीमा से लगे जिलों पर विशेष नजर

26 Sep 2026

लखनऊ, 26 सितंबर 2026। उत्तर प्रदेश में पिछले 48 घंटों से जारी भारी बारिश और प्रतिकूल मौसम के बीच राहत एवं बचाव व्यवस्था सक्रिय रखी गई है। प्रदेश के 63 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। इस दौरान अतिवृष्टि और आंधी-तूफान के कारण 117 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है।

राज्य प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के साथ जिलाधिकारियों को प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलने और उनकी समस्याओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने जिलाधिकारियों से आमजन की सुरक्षा को प्राथमिकता देने और जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव संसाधनों को सक्रिय रखने को कहा है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के 26 सितंबर के पूर्वानुमान में पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए 26 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश तथा 27 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दर्ज है। 28 सितंबर से दोनों उप-क्षेत्रों के लिए कोई चेतावनी नहीं दी गई है।

राहत आयुक्त के अनुसार पिछले 24 घंटों में पूरे उत्तर प्रदेश में सामान्य से 19 गुना अधिक वर्षा दर्ज की गई। 63 जनपदों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। जिलावार आंकड़ों में फर्रुखाबाद में सामान्य से 200 गुना, कानपुर नगर में 160 गुना तथा कन्नौज, कानपुर देहात और हरदोई में सामान्य से 130 गुना अधिक वर्षा दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है।

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भदोही, देवरिया और अलीगढ़ में सामान्य वर्षा दर्ज हुई, जबकि गाजीपुर में सबसे कम बारिश दर्ज की गई। दूसरी ओर बागपत, गाजियाबाद, मथुरा, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, गौतमबुद्धनगर और हापुड़ में वर्षा नहीं होने की जानकारी दी गई है। बारिश की स्थिति में जिलों के बीच अंतर भी दर्ज किया गया है। एक ओर कई जिलों में सामान्य से काफी अधिक वर्षा हुई, वहीं कुछ जिलों में वर्षा नहीं हुई।

पिछले 48 घंटों में अतिवृष्टि और आंधी-तूफान के कारण 117 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना प्रशासन को मिली है। राहत आयुक्त ने संबंधित जिलाधिकारियों को प्रभावित परिवारों को नियमानुसार अनुमन्य सहायता राशि तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही बारिश से हुई क्षति का सर्वेक्षण और आकलन शीघ्र कराने को कहा गया है। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को नियमों के तहत राहत उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। मकानों को हुए नुकसान के साथ-साथ अन्य स्थानीय क्षति का भी आकलन कराया जा रहा है।

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भारी बारिश के कारण फसलों को हुए संभावित नुकसान का आकलन कराने के लिए फील्ड अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन से कहा गया है कि बारिश से प्रभावित फसलों का त्वरित सर्वे कराया जाए, ताकि पात्र प्रभावित किसानों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा सके। फसल क्षति का आकलन स्थानीय स्तर पर किया जाना है। इसके बाद उपलब्ध नियमों के अनुसार सहायता से संबंधित कार्रवाई की जाएगी।

नेपाल में जारी भारी बारिश को देखते हुए उत्तर प्रदेश के नेपाल सीमा से लगे जिलों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश में नदियों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका को देखते हुए संबंधित जिलों के प्रशासन को लगातार निगरानी रखने को कहा गया है। प्रशासन को नदियों के जलस्तर की स्थिति पर नजर रखने के साथ बाढ़ राहत और बचाव दलों को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है।

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प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों के लिए विभिन्न विभागों और बलों की सेवाएं जरूरत के अनुसार लेने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें फायर सर्विस, पीएसी, सिविल डिफेंस, होमगार्ड और आपदा मित्र शामिल हैं। सभी राहत एवं बचाव दलों को सक्रिय रखते हुए प्रभावित इलाकों में लगातार भ्रमण और निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है। जिलाधिकारियों को स्वयं फील्ड में रहकर स्थिति का आकलन करने और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार त्वरित निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं।

बारिश के दौरान कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन को विशेष निर्देश दिए गए हैं। लेखपालों और ग्राम विकास अधिकारियों के माध्यम से कच्चे मकानों के आसपास जलभराव की स्थिति का तत्काल संज्ञान लेने को कहा गया है। प्रशासन को जरूरत के अनुसार जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जहां सुरक्षा के लिए आवश्यक हो, वहां कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

राहत आयुक्त के अनुसार भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के आधार पर आगामी 36 घंटों के बाद प्रदेश में मौसम सामान्य होने की संभावना जताई गई है। हालांकि, भारत मौसम विज्ञान विभाग के 26 सितंबर के उप-क्षेत्रीय पूर्वानुमान में पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए 26 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश तथा 27 सितंबर को क्रमशः भारी और बहुत भारी बारिश की चेतावनी दर्ज है। 28 सितंबर से दोनों क्षेत्रों के लिए कोई चेतावनी दर्ज नहीं है। मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की वेबसाइट पर राज्य की आपदा हेल्पलाइन 1070 दी गई है। आपदा या आपात स्थिति में प्रभावित लोग संबंधित प्रशासनिक तंत्र से सहायता ले सकते हैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार जिला स्तर पर भी आपातकालीन संचालन केंद्र सक्रिय व्यवस्था का हिस्सा हैं।