यूपी में बारिश से बिगड़े हालात: 56 मौतें, 1021 मकान क्षतिग्रस्त; सरयू उफान पर

28 Sep 2026

उत्तर प्रदेश में सितंबर के आखिरी दिनों में लगातार हो रही बारिश ने कई जिलों में जनजीवन प्रभावित किया है। कहीं सड़कें जलमग्न हैं तो कहीं नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने से आसपास के इलाकों में मुश्किलें बढ़ी हैं। अलग-अलग जिलों से मकान गिरने, पेड़ उखड़ने, जलभराव और डूबने की घटनाएं सामने आई हैं। बारिश का असर खेती और ग्रामीण क्षेत्रों पर भी पड़ा है।

राज्य में पिछले 60 घंटों के दौरान बारिश और आंधी-तूफान से 56 लोगों की मौत, 46 लोगों के घायल होने और 1,021 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना राहत आयुक्त कार्यालय की ओर से दी गई है। इस दौरान 107 पशुहानि की भी जानकारी सामने आई है।

60 घंटे में 56 लोगों की मौत

राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश और आंधी-तूफान से जुड़ी घटनाओं में 56 लोगों की जान गई है। 46 लोग घायल हुए हैं। 1,021 मकानों को नुकसान पहुंचा है, जबकि 107 पशुओं की मौत की सूचना मिली है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा भी की गई है।

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भारी बारिश का असर प्रदेश के कई हिस्सों में अलग-अलग रूप में दिखाई दिया। कुछ स्थानों पर कच्चे मकान गिरने से लोग मलबे में दबे, जबकि कई जगह नदी, नाले और तालाब में डूबने की घटनाएं हुईं। तेज हवा के कारण पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से भी स्थानीय स्तर पर आवागमन प्रभावित हुआ।

56 जिलों में अत्यधिक बारिश

मौसम विभाग और राहत विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 75 जिलों में से 56 जिलों में अत्यधिक बारिश दर्ज की गई। फर्रुखाबाद में सामान्य से 7,385 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई। इसके बाद कन्नौज में 5,664 प्रतिशत, शाहजहांपुर में 4,408 प्रतिशत, हमीरपुर में 4,240 प्रतिशत और महोबा में 4,100 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई।

भारतीय मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 25 सितंबर की सुबह से 27 सितंबर की सुबह तक राज्य में सामान्य से काफी अधिक वर्षा हुई। लगातार बारिश और तेज हवाओं ने कई जिलों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति पैदा की।

बाराबंकी में सरयू की कटान से मस्जिद नदी में समाई

बाराबंकी के रामनगर क्षेत्र में सरयू नदी के बढ़े जलस्तर और कटान का असर दिखाई दिया। हेतमापुर गांव में नदी की कटान की चपेट में आने से एक मस्जिद नदी में समा गई। आसपास के क्षेत्रों में भी नदी के बढ़ते पानी और कटान से खतरा बढ़ा है।

स्थानीय स्तर पर मंदिर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और पशु अस्पताल के आसपास भी खतरे की स्थिति बताई गई है। नेपाल से पानी छोड़े जाने के बाद नदी के जलस्तर में वृद्धि का असर भी इस क्षेत्र में बताया गया है।

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार बाराबंकी के एल्गिनब्रिज पर घाघरा का जलस्तर चेतावनी स्तर से ऊपर दर्ज किया गया था। अयोध्या में भी नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर से ऊपर बताया गया। पूर्वी उत्तर प्रदेश में राप्ती नदी के जलस्तर में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई।

गोंडा में पेड़ गिरने से दो दोस्तों की मौत

गोंडा में तेज हवा और बारिश के दौरान पेड़ गिरने की घटनाएं हुईं। रविवार को पेड़ गिरने से दो दोस्तों की मौत की जानकारी सामने आई। एक मकान पर पेड़ गिरने से दंपती समेत चार लोग घायल हुए।

जिले में बड़ी संख्या में पेड़ गिरने से स्थानीय यातायात और अन्य गतिविधियां प्रभावित हुईं। तेज हवा और बारिश के कारण कई स्थानों पर फसलों को भी नुकसान पहुंचा।

बांदा और फर्रुखाबाद में डूबने की घटनाएं

बांदा में नाले में बहने से एक किशोरी की मौत की सूचना मिली। फर्रुखाबाद में तालाब में डूबने से दो बच्चों की मौत हुई। इसके अलावा नाले में बहने से चार वर्षीय बच्चे और पानी से भरे गड्ढे में डूबने से एक श्रमिक की मौत की जानकारी सामने आई।

बारिश के बाद निचले इलाकों में जलभराव और खुले गड्ढों में पानी भरने से स्थानीय स्तर पर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा। राहत और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए काम कर रहे हैं।

औरैया में कच्चा मकान गिरने से वरिष्ठ नागरिक की मौत

औरैया के श्याम नगर अटसू में लगातार बारिश के दौरान कच्चे मकान की दीवार गिर गई। मलबे में दबने से 65 वर्षीय विष्णु दयाल शुक्ला गंभीर रूप से घायल हुए। ग्रामीणों ने उन्हें मलबे से बाहर निकाला और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अजीतमल पहुंचाया।

इसके बाद उन्हें 100 शैया अस्पताल चिचौली रेफर किया गया। हालत गंभीर होने पर परिजन उन्हें ग्वालियर ले जा रहे थे, इसी दौरान रास्ते में उनकी मौत हो गई।

महोबा में भी बारिश से जुड़ी घटना में एक व्यक्ति की मौत की जानकारी सामने आई है।

वाराणसी में राष्ट्रीय राजमार्ग पर जलभराव

वाराणसी में राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर अखरी से भिखारीपुर के बीच सड़क के कई हिस्सों में भारी जलभराव की स्थिति बनी। लगातार बारिश के कारण सड़क पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित हुआ।

सड़क पर बने गड्ढों और जलभराव के कारण दोपहिया वाहनों और अन्य छोटे वाहनों को परेशानी हुई। जलभराव वाले हिस्सों में वाहन चालकों को आवाजाही में दिक्कत का सामना करना पड़ा।

फसलों को भी नुकसान

लगातार बारिश और तेज हवाओं से धान की फसल खेतों में गिर गई है। पानी लंबे समय तक जमा रहने की स्थिति में फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। इसके अलावा गन्ना, मक्का और सब्जियों की फसल भी प्रभावित हुई है।

कई इलाकों में सब्जियों की आपूर्ति प्रभावित होने से स्थानीय बाजारों में कीमतों में बढ़ोतरी की जानकारी सामने आई है। फसल नुकसान का आकलन संबंधित जिलों में किया जा रहा है।

फसल बीमा कराने वाले किसानों के लिए शिकायत दर्ज कराने को टोल फ्री नंबर 14447 उपलब्ध कराया गया है।

मुरादाबाद में शैक्षणिक संस्थान बंद

मुरादाबाद में लगातार बारिश के बीच अगले 24 घंटे में भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर सोमवार को जिले के सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रखने का निर्णय लिया।

लगातार बारिश और मौसम विभाग की चेतावनी के बीच प्रशासन ने स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का फैसला किया।

नदियों का बढ़ा जलस्तर

उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में नदियों का जलस्तर बढ़ा है। नेपाल से पानी छोड़े जाने के बाद कुशीनगर में गंडक यानी नारायणी नदी में बाढ़ की स्थिति बनी।

प्रयागराज क्षेत्र में लगातार बारिश के बाद मध्य प्रदेश की कई नदियों में जलस्तर बढ़ने की जानकारी सामने आई। केन नदी के साथ बेतवा और टोंस में भी पानी बढ़ा। इन नदियों के जलस्तर में वृद्धि का असर यमुना के जलस्तर पर भी पड़ा।

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार घाघरा और राप्ती नदियों के कुछ निगरानी केंद्रों पर जलस्तर बढ़ता दर्ज किया गया था। इससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ा।

28 सितंबर को 28 जिलों में मौसम की चेतावनी

28 सितंबर को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। हवा की सामान्य गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा रहने और झोंकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना बताई गई है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश के देवरिया, गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी और सीतापुर में मौसम खराब रहने की संभावना है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं में भी मेघगर्जन और वज्रपात के साथ तेज हवा चलने की चेतावनी दी गई है।

मौसम विभाग ने वज्रपात के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी है।

राहत और बचाव कार्य

भारी बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य जारी हैं। अधिकारियों को प्रभावित परिवारों की जरूरतों का आकलन करने और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। मकानों को नुकसान पहुंचने वाले परिवारों के लिए आवश्यकता के अनुसार वैकल्पिक आवास और सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।

राहत विभाग के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति की निगरानी की जा रही है। नदी, नाले और जलभराव वाले इलाकों में लोगों को अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी गई है।