यूपी में जातिगत सम्मेलन पर सियासत गरम: कांग्रेस ने सरकार की रोक के बावजूद किया बड़ा ऐलान

02 Oct 2025


>उत्तर प्रदेश में जातिगत सम्मेलन को लेकर सियासत तेज हो गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश और राज्य सरकार की ओर से जातिगत सम्मेलनों पर रोक के बावजूद कांग्रेस ने 9 अक्टूबर से इन सम्मेलनों की शुरुआत का ऐलान कर दिया है। यूपी कांग्रेस के ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष मनोज यादव ने बताया कि पहला सम्मेलन महोबा में होगा और अक्टूबर से नवंबर तक कुल 17 सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।


>मनोज यादव ने कहा कि देशभर में कई जातिगत संगठन समाज के उत्थान के लिए कार्य करते हैं। ऐसे में इन गतिविधियों पर रोक लगाना सरकार की मंशा हो सकती है, लेकिन कोर्ट ने इस पर स्पष्ट रूप से कोई रोक नहीं लगाई है।


>कांग्रेस ने बीजेपी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2022 के चुनाव से पहले बीजेपी ने लखनऊ के विश्वेश्वरैया हॉल में जातिगत सम्मेलन कर वादे किए थे, लेकिन आज तक वे पूरे नहीं हुए। उनका उद्देश्य केवल जातियों की समस्याओं को सुनना और उनके उत्थान पर चर्चा करना है।


>कांग्रेस नेता ने यह भी स्पष्ट किया कि विभिन्न जातियों और वर्गों की अलग-अलग समस्याओं को समझने और उनका समाधान निकालने के लिए यह सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि इन आयोजनों से समाज के लोगों को अपने मुद्दों को सीधे सामने रखने का अवसर मिलेगा और उनके कार्यक्षेत्र में कोई बाधा नहीं आएगी।


>सियासत का मज़ा तब और बढ़ गया जब समाजवादी पार्टी के फखरुल ने कहा कि कोर्ट और सरकार के आदेश के बावजूद एनडीए के सहयोगी संगठन जातिगत सम्मेलन के पक्ष में खड़े हो चुके हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा और उसके सहयोगी संगठन आखिर क्या चाहते हैं।


>मनोज यादव ने यह भी बताया कि अयोध्या में 5 अक्टूबर को ब्राह्मण सम्मेलन होने की तैयारी है। फखरुल ने कहा कि कांग्रेस की यह पहल सही दिशा में है क्योंकि भाजपा ने अतीत में बड़े जातिगत सम्मेलन किए थे, लेकिन उनसे किए वादे पूरे नहीं हुए।