अखिलेश-मायावती समेत इन नेताओं को मिली बुलेटप्रूफ जैकेट, 11 मंत्री भी सूची में

21 Aug 2026

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले प्रमुख राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नया बदलाव सामने आया है। सुरक्षा मुख्यालय की ओर से कुछ प्रमुख नेताओं और महत्वपूर्ण व्यक्तियों को बुलेटप्रूफ जैकेट उपलब्ध कराने की जानकारी सामने आई है। इनमें समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती तथा प्रदेश सरकार के 11 मंत्री शामिल बताए गए हैं।

आपके उपलब्ध विवरण के अनुसार पहले चरण में आठ और दूसरे चरण में 44 नेताओं को मिलाकर कुल 52 नेताओं को जैकेट दिए जाने की बात कही गई है। हालांकि, 21 अगस्त 2026 को प्रकाशित उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों में 44 नेताओं को जैकेट दिए जाने या उपलब्ध कराने का उल्लेख है। इसलिए कुल संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्टिंग सामने आ रही है।

जैकेट देने के विस्तृत तकनीकी और खुफिया कारणों को लेकर सरकार या सुरक्षा मुख्यालय की ओर से सार्वजनिक रूप से विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। मौजूदा रिपोर्टिंग में इसे सुरक्षा समीक्षा और सुरक्षा इनपुट से जुड़ा कदम बताया गया है।

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उत्तर प्रदेश की वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था में सबसे प्रमुख नामों में अखिलेश यादव और मायावती शामिल हैं। दोनों पूर्व मुख्यमंत्री हैं और प्रदेश की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों का नेतृत्व कर चुके हैं।

उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों नेताओं को व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए बुलेटप्रूफ जैकेट उपलब्ध कराई गई है। यह व्यवस्था केवल सत्तापक्ष के नेताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रमुख विपक्षी नेताओं को भी इसमें शामिल किया गया है।

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इसका अर्थ यह है कि मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था में सुरक्षा कर्मियों, एस्कॉर्ट और अन्य सुरक्षा प्रबंधों के साथ व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण को भी जोड़ा गया है। हालांकि किसी नेता को जैकेट दिए जाने के पीछे किस स्तर का सुरक्षा आकलन किया गया, इसकी अलग-अलग जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

बुलेटप्रूफ जैकेट पाने वाले नेताओं में उत्तर प्रदेश सरकार के 11 मंत्रियों के नाम भी सामने आए हैं। उपलब्ध विवरण के अनुसार संजय निषाद, नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ और ओम प्रकाश राजभर प्रमुख नामों में शामिल हैं।

इसके साथ स्वतंत्र देव सिंह और जयवीर सिंह समेत अन्य मंत्रियों को भी सुरक्षा उपकरण दिए जाने की जानकारी है। उपलब्ध रिपोर्टों में इसे चयनित नेताओं की सुरक्षा जरूरतों से जोड़ा गया है।

महिला नेताओं में अपर्णा बिष्ट यादव का नाम भी सामने आया है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नेताओं संगीत सोम और सुरेश राणा को भी बुलेटप्रूफ जैकेट दिए जाने की रिपोर्ट है।

उपलब्ध जानकारी में बुलेटप्रूफ जैकेट पाने वाले प्रमुख नामों में शामिल हैं:

इन नामों में सत्ता पक्ष, विपक्ष, पूर्व मंत्री और अन्य प्रमुख राजनीतिक चेहरे शामिल हैं। उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टिंग के अनुसार 44 नेताओं वाली सूची में भी अखिलेश यादव, मायावती और 11 मंत्रियों का उल्लेख किया गया है।

52 नेताओं की पूरी आधिकारिक सूची सार्वजनिक होने की पुष्टि उपलब्ध नहीं है। ऐसे में शेष नामों के बारे में अंतिम दावा आधिकारिक सूची या संबंधित विभाग की ओर से विस्तृत जानकारी आने के बाद ही किया जा सकता है।

उपलब्ध रिपोर्टों में उत्तर प्रदेश में करीब 98 नेताओं और महत्वपूर्ण व्यक्तियों को अलग-अलग श्रेणी की सुरक्षा मिलने की जानकारी दी गई है। इनमें सबसे ऊंची जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा वाले 12 लोगों का उल्लेख है।

इस सूची में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, अखिलेश यादव, मायावती, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, डॉ. मुरली मनोहर जोशी, विनय कटियार, सुरेश राणा, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा समेत अन्य प्रमुख नाम बताए गए हैं।

सुरक्षा की अलग-अलग श्रेणियों में जेड, वाई प्लस, वाई और एक्स श्रेणी का कवर भी शामिल है। रिपोर्ट के मुताबिक कुछ मामलों में एस्कॉर्ट के साथ और कुछ मामलों में बिना एस्कॉर्ट के सुरक्षा व्यवस्था लागू है।

प्रदेश में जेड श्रेणी की सुरक्षा पाने वालों में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा, पूर्व विधायक संगीत सोम, पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह, मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, स्वतंत्र देव सिंह, जयवीर सिंह, पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह और कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी जैसे नाम बताए गए हैं। इससे स्पष्ट है कि प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था अलग-अलग श्रेणियों के आधार पर लागू है और सभी प्रमुख नेताओं के लिए सुरक्षा का स्तर एक जैसा नहीं है।

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 में प्रस्तावित हैं। चुनावी अवधि के दौरान राजनीतिक दलों और प्रमुख नेताओं के सार्वजनिक कार्यक्रमों, जनसभाओं, रोड शो और अन्य गतिविधियों में बढ़ोतरी होती है।

इसी दौरान सुरक्षा एजेंसियों के लिए प्रमुख नेताओं की आवाजाही और सार्वजनिक कार्यक्रमों की सुरक्षा महत्वपूर्ण विषय बनती है। उपलब्ध रिपोर्टों में बुलेटप्रूफ जैकेट देने की प्रक्रिया को सुरक्षा समीक्षा तथा सुरक्षा इनपुट से जोड़कर बताया गया है। हालांकि सरकार या सुरक्षा मुख्यालय ने यह सार्वजनिक रूप से नहीं कहा है कि जैकेट केवल आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर दी गई हैं।

इसलिए जैकेट वितरण को सीधे किसी एक विशिष्ट खतरे या केवल चुनावी कारण से जोड़ना उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अभाव में उचित नहीं होगा। वीआईपी सुरक्षा में आम तौर पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, वाहन सुरक्षा, एस्कॉर्ट और आसपास के सुरक्षा घेरे जैसे प्रबंध शामिल होते हैं। बुलेटप्रूफ जैकेट इन प्रबंधों से अलग एक व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण है।

उत्तर प्रदेश सरकार की आधिकारिक निवेश वेबसाइट पर भी बुलेटप्रूफ जैकेट को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों की श्रेणी में रखा गया है। वेबसाइट के अनुसार ऐसे उपकरण बैलिस्टिक खतरों और अन्य उच्च जोखिम वाली परिस्थितियों में सुरक्षा के लिए डिजाइन किए जाते हैं।

इस व्यवस्था का उद्देश्य किसी नेता के सुरक्षा घेरे के भीतर व्यक्तिगत स्तर पर अतिरिक्त सुरक्षा उपलब्ध कराना है। हालांकि किसी विशेष जैकेट की क्षमता, सुरक्षा स्तर या संबंधित नेता के लिए उसका तकनीकी चयन सार्वजनिक दस्तावेजों में विस्तार से उपलब्ध नहीं है।

बुलेटप्रूफ जैकेट की कीमत को लेकर भी रिपोर्टों में अंतर है। कुछ रिपोर्टों में प्रति जैकेट लगभग 10 लाख रुपये की लागत का उल्लेख किया गया है। आपके उपलब्ध कंटेंट में दूसरी ओर करीब 1.5 लाख रुपये प्रति जैकेट की कीमत का भी उल्लेख है। ऐसे में आधिकारिक खरीद आदेश, निविदा दस्तावेज या संबंधित विभाग की ओर से प्रमाणित कीमत सार्वजनिक होने तक किसी एक राशि को अंतिम कीमत के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।

उत्तर प्रदेश में अलग-अलग नेताओं और महत्वपूर्ण व्यक्तियों के लिए जेड प्लस से लेकर एक्स श्रेणी तक सुरक्षा व्यवस्था होने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक वाई प्लस श्रेणी में एस्कॉर्ट के साथ और बिना एस्कॉर्ट के दोनों तरह की सुरक्षा व्यवस्था मौजूद है। वाई श्रेणी में भी एस्कॉर्ट के साथ तथा सामान्य सुरक्षा कवर का प्रावधान बताया गया है।

इस व्यवस्था में मंत्री, सांसद, विधायक, पूर्व जनप्रतिनिधि और अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों के नाम शामिल हैं। सुरक्षा श्रेणी का निर्धारण संबंधित व्यक्ति के सुरक्षा आकलन के आधार पर किया जाता है।

बुलेटप्रूफ जैकेट दिए जाने की खबर के बावजूद प्रत्येक नेता के मामले में सुरक्षा आकलन या किसी विशेष खतरे की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। उपलब्ध रिपोर्टिंग में भी यह स्पष्ट किया गया है कि जैकेट देने के तकनीकी और खुफिया कारणों पर आधिकारिक बयान उपलब्ध नहीं है। ऐसे में किसी व्यक्ति को जैकेट मिलने को किसी नए या विशिष्ट खतरे की आधिकारिक पुष्टि के रूप में नहीं देखा जा सकता।