उत्तर प्रदेश के अनुदानित मदरसों में छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य कर दिया गया है। मदरसा शिक्षा बोर्ड की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, उपस्थिति के आधार पर ही वेतन तैयार किया जाएगा। इस व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी डीएमओ को सौंपी गई है।
मदरसा शिक्षा बोर्ड की रजिस्ट्रार अंजना सिरोही द्वारा जिला अल्पसंख्यक अधिकारियों को भेजे गए निर्देश में कहा गया है कि 23 मई को शासन की ओर से सभी अनुदानित मदरसों में बायोमेट्रिक हाजिरी व्यवस्था लागू करने का आदेश जारी किया गया था। हालांकि, कई स्थानों पर अभी तक इसका पूरी तरह पालन नहीं हो पाया है।
बोर्ड के अनुसार, बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू नहीं होने के कारण छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों की वास्तविक उपस्थिति का सही सत्यापन नहीं हो पा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए सभी मदरसों में आधार आधारित उपस्थिति प्रणाली को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्देश में कहा गया है कि जिन मदरसों में अभी तक बायोमेट्रिक सिस्टम उपलब्ध नहीं है, वहां जिला अल्पसंख्यक अधिकारी अपनी निगरानी में इस व्यवस्था को स्थापित कराएं। साथ ही इसकी नियमित मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित की जाए।
नई व्यवस्था के तहत जिला अल्पसंख्यक अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है कि सभी अनुदानित मदरसे शासन के निर्देशों का पालन करें। इसके अलावा बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के संचालन और निगरानी पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।