पंचायत चुनाव में आरक्षण की आंधी से बदलेगा गांवों की सत्ता का समीकरण

11 Jul 2025


>उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियां ज़ोरों पर हैं और अब नज़रें आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया पर टिकी हैं। ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन के बाद अब अगला चरण सीटों के आरक्षण का है, जो चुनावी समीकरणों को पूरी तरह बदल सकता है।


>नए परिसीमन के बाद 504 ग्राम पंचायतों का विलय या पुनर्गठन हुआ है, जिससे अब प्रदेश में कुल ग्राम पंचायतों की संख्या 57695 रह गई है। यह बदलाव न सिर्फ पंचायतों के प्रशासनिक ढांचे को प्रभावित करेगा बल्कि राजनीतिक प्रतिनिधित्व की दिशा भी तय करेगा।


>आरक्षण पर अक्टूबर तक आ सकता है फैसला


>सूत्रों की मानें तो वार्ड निर्धारण प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी और साथ ही आम जनता से आपत्तियां और सुझाव भी मांगे जाएंगे। लेकिन इसमें एक बड़ा पेंच पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को लेकर है, जो अभी लंबित है। माना जा रहा है कि अक्टूबर 2025 तक आरक्षण प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा सकता है।


>आरक्षित सीटों का बदलेगा 'भूगोल'


>वर्ष 2021 में हुए पंचायत चुनाव में जिन सीटों पर आरक्षण था, इस बार उनमें बदलाव लगभग तय माना जा रहा है। अनुमान के मुताबिक:


>गांव-गांव बन रही टीमें, नए समीकरण तय


>पंचायती राज विभाग के अधिकारी आरक्षण प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। ग्राम स्तर पर टीमें गठित की गई हैं, जो परिसीमन और आरक्षण के आधार पर अंतिम रिपोर्ट तैयार करेंगी। माना जा रहा है कि इस बार पंचायत चुनाव में हर गांव में बदला-बदला दृश्य दिखाई देगा – नए चेहरे, नई राजनीति और बदले समीकरण।