योगी सरकार का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल - संभल के चर्चित ASP अनुज चौधरी का ट्रांसफर, सीएम ने कहा था ‘पहलवान’

17 Sep 2025


>उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर फेरबदल करते हुए 44 एएसपी (Additional Superintendent of Police) अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इस लिस्ट में संभल के चर्चित एएसपी अनुज चौधरी का नाम भी शामिल है। उन्हें चंदौसी एएसपी पद से हटाकर अब फिरोजाबाद के एएसपी ग्रामीण के रूप में तैनात किया गया है। वहीं संभल एएसपी राजेश श्रीवास्तव को सीतापुर स्थानांतरित कर दिया गया है और कुलदीप सिंह को संभल का नया एएसपी उत्तरी बनाया गया है।


>चर्चा में रह चुके अनुज चौधरी का ट्रांसफर


>एएसपी अनुज चौधरी का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। वह तब सुर्खियों में आए जब संभल शाही जामा मस्जिद और मंदिर विवाद के बाद हुई हिंसा में उनकी सक्रिय भूमिका रही। हालात को काबू करने में उनकी सख्ती और कार्यशैली चर्चा का विषय बनी। इसी दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अनुज चौधरी को ‘पहलवान’ कहकर संबोधित किया था।


>अनुज चौधरी का विवादों से पुराना नाता रहा है। रामपुर में तैनाती के दौरान उनकी समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आज़म खान से तीखी नोकझोंक हो चुकी है। दरअसल, आज़म खान जब जेल में थे और पार्टी के डेलीगेशन को मिलने से रोका गया तो नाराज़ होकर उन्होंने अनुज चौधरी से कहा था— “सपा ने ही आपको ऑर्गेनाइज किया था, हमारा एहसान याद नहीं?” इस पर अनुज चौधरी ने बेबाकी से जवाब देते हुए कहा— “एहसान कैसा? हम पहलवान हैं, अर्जुन अवॉर्ड लाया हूं, एहसान की क्या बात है।” इस घटना ने उन्हें राज्यभर में और ज्यादा सुर्खियों में ला दिया।


>प्रदेश सरकार का यह बड़ा फेरबदल केवल साधारण स्थानांतरण नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे प्रशासनिक सख्ती और कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। एएसपी स्तर के अधिकारियों को एक जिले से दूसरे जिले में भेजकर जहां प्रशासनिक अनुभव का विस्तार होगा, वहीं स्थानीय स्तर पर तैनात पुलिस अधिकारियों के कामकाज में नई ऊर्जा और जिम्मेदारी भी आएगी।


>इन अधिकारियों का भी हुआ तबादला


>तबादला सूची में कई जिलों के अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।


>उत्तर प्रदेश सरकार ने बीते कुछ महीनों में लगातार पुलिस महकमे में बड़े स्तर पर बदलाव किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट संदेश है कि “प्रदेश में कानून-व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा और जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारियों को ही अहम पदों पर जगह मिलेगी।”