यूपी में बिजली संकट पर गरमाई राजनीति, भाजपा विधायकों पर बरसे अखिलेश यादव

25 May 2026

 

उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर सियासी बयानबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है इस ही कड़ी में  समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए बिजली संकट को महाविद्युत आपदा करार दिया। साथ ही उन्होंने भाजपा के उन विधायकों और सांसदों पर भी हमला बोला, जो अपने क्षेत्रों में बिजली समस्या को लेकर सरकार को पत्र लिख रहे हैं।

 

अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रदेश में जनता भीषण गर्मी और बिजली संकट से परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि बढ़ते जनाक्रोश से बचने के लिए भाजपा विधायक और सांसद दिखावटी चिट्ठियां लिख रहे हैं। सपा प्रमुख ने इन पत्रों को कागजी कवच बताते हुए कहा कि यह जनहित की चिंता नहीं, बल्कि भविष्य की राजनीति को ध्यान में रखकर लिखा गया आवेदन पत्र है।

 

उन्होंने कहा कि ऐसे नेता आगामी चुनावों में विपक्ष से टिकट पाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन समाजवादी गठबंधन में ऐसे लोगों के लिए कोई जगह नहीं होगी। अखिलेश यादव ने कहा कि जो नेता जनता को केवल दुख-दर्द और समस्याएं देते रहे हैं, उन्हें सपा में शामिल नहीं किया जाएगा।

 

सपा प्रमुख ने भीषण गर्मी के दौरान आम लोगों की परेशानियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बिजली संकट से बुजुर्गों, बीमारों, बच्चों और महिलाओं को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उनके अनुसार, इस स्थिति की गंभीरता वही परिवार समझ सकते हैं जो सीधे तौर पर इससे प्रभावित हैं।

 

अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर आपदा में अवसर तलाशने का आरोप लगाते हुए कहा कि समस्या के समाधान की बजाय सरकार केवल नारों के सहारे बच निकलने की कोशिश कर रही है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि केंद्र और राज्य में भाजपा की डबल इंजन सरकार होने के बावजूद जनता को बिजली संकट का सामना क्यों करना पड़ रहा है।

 

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की आपसी खींचतान और प्रशासनिक विफलताओं का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। अखिलेश ने व्यंग्य करते हुए कहा कि सरकार को अब अपनी वापसी की उम्मीद नहीं है, इसलिए वह जनता की परेशानियों की अनदेखी कर रही है।

 

प्रदेश में इन दिनों तापमान लगातार 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच रहा है। कई जिलों में अघोषित बिजली कटौती के कारण पेयजल संकट गहराने लगा है। बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से अस्पतालों, ग्रामीण इलाकों और शहरी क्षेत्रों में आम जनजीवन पर असर पड़ रहा है। विपक्षी दल लगातार सरकार पर बिजली व्यवस्था संभालने में विफल रहने का आरोप लगा रहे हैं।